पढ़ाई नहीं, तो उपस्थिति भी कम

Published at :19 Apr 2015 9:10 AM (IST)
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पढ़ाई नहीं, तो उपस्थिति भी कम

नवादा कार्यालय: जिला मुख्यालय में स्थित प्रोजेक्ट कन्या इंटर स्कूल में उच्चतर माध्यमिक में साइंस विषयों के शिक्षक नहीं होने के करण कक्षाएं नहीं चलती है. इसका असर छात्रओं की उपस्थिति पर दिखता है. कक्षा नहीं चलने के कारण इंटर साइंस कीछात्राएं कोचिंग का सहारा लेतीं हैं. कोचिंगों के सहारे ही उनका सिलेबस पूरा होता […]

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नवादा कार्यालय: जिला मुख्यालय में स्थित प्रोजेक्ट कन्या इंटर स्कूल में उच्चतर माध्यमिक में साइंस विषयों के शिक्षक नहीं होने के करण कक्षाएं नहीं चलती है. इसका असर छात्रओं की उपस्थिति पर दिखता है. कक्षा नहीं चलने के कारण इंटर साइंस कीछात्राएं कोचिंग का सहारा लेतीं हैं.

कोचिंगों के सहारे ही उनका सिलेबस पूरा होता है. वैसे तो माध्यमिक मेंछात्राओं की कुल संख्या 1144 (जो रजिस्टर में दर्ज है) है. दोनों कक्षाओं में चार सेक्शन है. प्रत्येक सेक्शन में 250 छात्राएं पढ़ती हैं.

माध्यमिक कक्षा के लिए प्रोजेक्ट कन्या इंटर हाइ स्कूल में कार्यरत शिक्षकों की संख्या आठ है. इसमें एक महिला शिक्षिका है. उच्च माध्यमिक में भी शिक्षकों की काफी कमी है. इंटर स्कूल में सभी विषयों के 12 शिक्षक कार्यरत हैं, जिसके कारण विद्यालय में बहुत से विषयों की पढ़ाई नहीं हो रही है. बावजूद इसके शिक्षा विभाग का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है. इंटर में छात्रओं की उपस्थिति कम हो रही है. वैसे तो विद्यालय के प्राचार्य इंटर में छात्रओं की उपस्थिति ठीक बताते हैं, लेकिन शिक्षकों की कमी उपस्थिति की हालत बयां कर रही है. विद्यालय में लाइब्रेरी की व्यवस्था है, लेकिन लाइब्रेरियन का कार्यभार विद्यालय के दूसरे शिक्षक संभाल रहे हैं.

विद्यालय में सात क्लास रूम है. इसमें दो हॉल, एक सभा भवन व शिक्षकों के लिए कॉमन रूम है. क्लास रूम की कमी से सभा भवन में भी क्लास चल रहा है. विद्यालय मेंछात्राओं की शारीरिक विकास के लिए जिम की व्यवस्था नहीं है. विद्यालय में छात्रओं के लिए छात्रवास तथा कॉमनरूम का अभाव है. प्रोजेक्ट कन्या इंटर विद्यालय खेलकूद के मामले में राज्य स्तर पर काफी अव्वल स्थान रखती है. विद्यालय से हैंडबॉल, खो-खो, कबड्डी, बैडमिंटन में यहां की छात्रएं राज्य स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर अपना प्रदर्शन कर चुकी हैं. इन खेलों के लिए सारा खर्च का वहन चार बार उत्कृष्ट विद्यालय का दर्जा दिया जा चुका है.

तकनीकी शिक्षा भी नहीं

तकनीकी शिक्षा के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गयी है. विद्यालय में कंप्यूटर की शिक्षा के एक भी कंप्यूटर नहीं है. इसके कारण छात्रएं कंप्यूटर की शिक्षा से वंचित हो रही है. विद्यालय में कंप्यूटर का नहीं होना तकनीकी अभाव की कमी को दरसा रहा है.

पेयजल की समस्या

विद्यालय में पेयजल के लिए तीन चापाकल है. चूंकि विद्यालय में छात्रओं की संख्या रजिस्टर के अनुसार 1144 है. फलत: विद्यालय में इतनी संख्या के बावजूद मात्र तीन चापाकल होना यहां की पेयजल समस्या बढ़ा रहा है. प्रभारी प्राचार्य के अनुसार एक लाख पचहत्तर हजार रुपये विद्यालय पार्षद नवल किशोर यादव के माध्यम से योजना विभाग को स्वीकृत किया गया है, लेकिन विभाग की लापरवाही से अभी तक चापाकल नहीं लग सका है.

होती हैं चोरी की घटनाएं

स्कूल में अक्सर चोरी की घटनाएं होती रहती है. विद्यालय का 50-60 पंखा चोरी हो चुका है. चोरी के लिए विद्यालय प्रशासन की ओर से कई बार एफआइआर भी दर्ज कराया गया है. लेकिन, विशेष तौर पर जिला प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गयी है. सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम नहीं होने से चोरी की घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है. वैसे तो विद्यालय प्रशासन के तरफ से सुरक्षा के लिए एक आदेशपाल नियुक्त है.

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