प्रखंड को खुले में शौचमुक्त बनाना प्राथमिकता

Updated at : 09 Dec 2016 5:00 AM (IST)
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प्रखंड को खुले में शौचमुक्त बनाना प्राथमिकता

स्वच्छता से परिपूर्ण समाज का निर्माण राजगीर : पूरे प्रखंड को खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन कटिबद्ध है. इस महा अभियान को स्वीकार करते हुए प्रशासन ने इस दिशा में ठोस कदम उठा रही है. उक्त बातें डीडीसी कुंदन कुमार ने राजगीर अतिथिगृह में संवाददाता सम्मेलन में कहीं. उन्होंने कहा कि […]

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स्वच्छता से परिपूर्ण समाज का निर्माण

राजगीर : पूरे प्रखंड को खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन कटिबद्ध है. इस महा अभियान को स्वीकार करते हुए प्रशासन ने इस दिशा में ठोस कदम उठा रही है. उक्त बातें डीडीसी कुंदन कुमार ने राजगीर अतिथिगृह में संवाददाता सम्मेलन में कहीं. उन्होंने कहा कि गुरुवार को खुले में शौच मुक्त अभियान के तहत दौरा कर गोरौर पंचायत के घांसी बिगहा,सत्यानगर व किशनाय बिगहा के ग्रामीणों को व्यवहार परिवर्तन कर शौचालय को अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करने पर जोर दिया.
जिससे उनमें सकारात्मक रवैया देखा गया. उन्होंने जिला व अनुमंडल प्रशासन के अलावा जीएसएफ के प्रतिनिधियों द्वारा इस क्षेत्र में किये जा रहे प्रयास पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि इसमें आम लोगों की सहभागिता बेहद जरूरी है,तभी एक स्वच्छता से परिपूर्ण समाज का निर्माण संभव हो सकेगा. उन्होंने बताया कि विश्व भर से भारत की आबादी 17 प्रतिशत है. मगर पूरे विश्व के 60 प्रतिशत की आबादी हमारे भारत देश में है,जो खुले में शौच की समस्या से जूझ रहे हैं.
खुले में शौच से जुड़े समस्याओं की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि आज 90 फीसदी बीमारियां खुले में शौच किये जाने के कारण होती है. जिसकी बारीकियों से जानकारी प्रदान कर ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों को जागरूक किया जा रहा है.
वहीं घर में शौचालय नहीं रहने के वजह से महिलाओं को बाहर खुले में शौच जाने के लिए बाध्य होना पड़ता है. जिसके कारण उन्हें असामाजिक तत्वों के बुरी नजरों के अलावा एकांत अवस्था का लाभ उठाकर उनके साथ बलात्कार जैसी घटनाओं का शिकार भी होना पड़ता है. वहीं घर के बुजुर्गों व बीमार व्यक्तियों को ठंड व बारिश के मौसम में खुले में शौच के लिए बाहर जाना किसी यातना से कम नहीं है.
घर में शौचालय नहीं हरने से महिलाओं द्वारा अंधेरा होने के इंतजार में पेट के अंदर मल को काफी देर तक रखना उनके लिए कई बीमारियों जैसे पाइल्स,आंत में सड़न आदि रोगों के पनपने का भी खतरे का उन्होंने उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि हमारा यह प्रयास है कि खुले में शौच एक सामाजिक बुराई है. जिसे सभी वर्ग के लोगों की सहभागिता से दूर किया जा सकता है. इस अवसर पर प्रशिक्षु आइएएस, राजगीर एसडीओ लाल ज्योति नाथ सहदेव, डीसीएलआर प्रभात कुमार, बीडीओ आनंद मोहन मौजूद थे.
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