जर्जर टंकी में पानी नहीं रहता स्टोर
Updated at : 13 Jun 2016 2:49 AM (IST)
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फजीहत . बिहारशरीफ रेलवे स्टेशन पर पानी बिना यात्रियों को हो रही परेशानी बिजली रहने पर ही नलों से निकलता है पानी टंकी में लीकेज होने के कारण पानी जमा नहीं हो पाता है बच्चों, बुजुर्गों व महिलाओं को ज्यादा उठानी पड़ती है परेशानी बिहारशरीफ : इस भीषण गरमी में बिहारशरीफ रेलवे स्टेशन पर यात्रियों […]
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फजीहत . बिहारशरीफ रेलवे स्टेशन पर पानी बिना यात्रियों को हो रही परेशानी
बिजली रहने पर ही नलों से निकलता है पानी
टंकी में लीकेज होने के कारण पानी जमा नहीं हो पाता है
बच्चों, बुजुर्गों व महिलाओं को ज्यादा उठानी पड़ती है परेशानी
बिहारशरीफ : इस भीषण गरमी में बिहारशरीफ रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को पेयजल मिलने की कोई गारंटी नहीं है. स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक तथा दो पर वैसे तो कई नल लगे हैं, लेकिन कहना मुश्किल है कि इनसे कब पानी मिलेगा और कब नहीं. ऐसे में अक्सर यात्री प्यास लगने पर बोतल लेकर नलों के पास दौड़ पड़ते हैं. यदि उनकी किस्मत अच्छी रही, तो नल से पानी निकला, वरना उन्हें बैरंग भी लौटना पड़ सकता है.
स्टेशन परिसर में लगातार पेयजल आपूर्ति में आयी इस बाधा का प्रमुख कारण है रेलवे की टंकी में बना बड़ा लिकेज, जो कई बार मरम्मत कराने के बाद भी पानी की रोके रखने में सक्षम नहीं है. जब बिजली रहती है तो मोटर चलाया जाता है तथा प्लेटफार्म पर लगे नलों में पानी आता है, लेकिन बिजली नहीं रहने पर पानी की टंकी का जमा पानी भी लिकेज के कारण बह जाता है तथा नलों से भी पानी निकलना बंद हो जाता है.
यह समस्या वर्षों पुरानी है तथा रेल कर्मियों तथा यात्रियों द्वारा शिकायत करने पर विभाग द्वारा मरम्मत करायी जाती है तथा कुछ ही दिनों में फिर लिकेज से पानी बहना शुरू हो जाता है. मोटर भी 24 घंटे लगातार नहीं चलाया जा सकता है.
स्टेशन पर दुकानों का अभाव :
शहर से स्टेशन दूर रहने तथा आसपास में आबादी नहीं रहने के कारण यहां पर दुकानों का भी अभाव है. खास कर रेलवे द्वारा भी इस दिशा में कोई पहल नहीं की गयी है, अन्यथा प्यास लगने पर लोग होटलों, चाय की दुकानों आदि से भी पानी पी सकते थे. रेलवे की दुकानें मौजूद रहने पर वहां बोतल बंद पानी भी मिल सकता था. फिलहाल लोगों को पानी बिना ही अपनी यात्रा करनी पड़ रही है.
दर्जन भर ट्रेनें चलती है इस रेलखंड पर
बख्तियारपुर-राजगीर-तिलैया रेलखंड पर प्रति दिन 12 रेलगाडि़यों का परिचालन होता है तथा बिहारशरीफ इस रेलखंड का सबसे महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन है. यहां प्रतिदिन हजारों यात्रियों का आना-जाना सुबह छह बजे से शुरू होकर रात के 12 बजे तक जारी रहता है. प्लेटफार्म पर पेयजल की नियमित आपूर्ति नहीं होने से यात्रियों को इस भीषण गरमी में भी प्यास पर काबू पाना पड़ता है. स्टेशन परिसर में पेयजल का कोई और विकल्प नहीं होने के कारण विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों व महिलाओं को काफी परेशानी उठानी पड़ती है, लेकिन रेल अधिकारियों को कोई फर्क नहीं पड़ता है.
क्या कहते हैं अधिकारी
स्टेशन पर लोहे के चदरे की लगी टंकी काफी पुरानी है. यह रिपेयरिंग होने के बावजूद टिकने वाला नहीं है. पेयजल की समस्या को देखते हुए नयी टंकी देने के लिए डीआरएम को लिखा गया है.
एसके प्रदीप, स्टेशन मास्टर, बिहारशरीफ
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