राजगीर क्षेत्र में डेढ़ माह में भू- गर्भीय जल 10 फुट गिरा

Updated at : 04 Apr 2016 2:29 AM (IST)
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राजगीर क्षेत्र में डेढ़ माह में भू- गर्भीय जल 10 फुट गिरा

ग्राउंड वाटर लेबल जांच में खुलासा अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल राजगीर की पहचान बने गरम झरनों की धाराएं बंद होने की घटना के बाद वहां के ग्राउंड वाटर लेबल की जांच में खुलासा हुआ है कि करीब डेढ़ माह में उस क्षेत्र में करीब 10 फुट पानी नीचे खिसका है. राजगीर क्षेत्र में करीब 125 के […]

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ग्राउंड वाटर लेबल जांच में खुलासा

अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल राजगीर की पहचान बने गरम झरनों की धाराएं बंद होने की घटना के बाद वहां के ग्राउंड वाटर लेबल की जांच में खुलासा हुआ है कि करीब डेढ़ माह में उस क्षेत्र में करीब 10 फुट पानी नीचे खिसका है. राजगीर क्षेत्र में करीब 125 के करीब ट्यूबवेल है. इसमें से करीब 30-40 ट्यूबवेल के ग्राउंड वाटर लेबल की जांच की गयी है.तालाबों की सफाई से झरना का छिद्र खुलेगा.
बिहारशरीफ : गरम कुंड के झरनों का पानी बंद होने के कारणों की गहराई से पता लगाने की कोशिश शुरू हो गयी है. पटना से आयी वरीय अधिकारियों की टीम व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर विभागीय कार्रवाई शुरू हो गयी है.
ब्रह्मकुंड के पास स्थित पांडु पोखर में गाड़े गये सात बोरिंग से छह में ठंडा पानी निकलने एवं एक में गरम पानी निकलने के बाद अधिकारियों ने इस बात की पड़ताल शुरू कर दी है कि कहीं दोनों जगहों पर गरम पानी का लिंक एक तो नहीं है. इसके लिए पांडू पोखर के पंप के गरम पानी एवं गरम कुंड के पानी का आइसोटिपकस टेस्ट कराया जायेगा.
आइसोटिपकस टेस्ट जस्ट लाइक पानी का डीएनए टेस्ट की तरह होगा. दोनों स्थानों के पानी को आइसोटिपकस टेस्ट के लिए कोलकाता भेजा जायेगा. वहां से जांच रिपोर्ट मिलने में 10 से 15 दिन का समय लग सकता है. भू-गर्भीय जल स्तर की जांच में यह खुलासा हुआ है कि पिछले डेढ़ माह में राजगीर क्षेत्र का जल स्तर करीब 10 फुट नीचे खिसका है. राजगीर शहरी क्षेत्र में करीब 125 ट्यूबवेल संचालित है. इनमें से करीब 30-40 ट्यूबवेल के जल स्तर की जांच की गयी है. जांच में यह बात सामने आयी है कि 15 फरवरी से 31 मार्च के दौरान राजगीर शहरी क्षेत्र में भू-गर्भीय जल स्तर करीब 10 फुट खिसक गया है.
फाल्डू से पांडु पोखर में होगी जल की आपूर्ति :
गरम कुंड की धाराओं के बंद होने की घटना के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर पांडू पोखर के सभी सातों बोरिंग को बंद कर देने की योजना है. पांडू पोखर में पानी की आपूर्ति वनगंगा से करीब दो किलोमीेटर आगे स्थित फाल्डू से की जायेगी. वर्तमान समय में राजगीर में पेयजल की आपूर्ति फाल्डू से ही की जा रही है. फाल्डू से ही पांडू पोखर में जल की आपूर्ति करने की योजना तैयार की जा रही है.
भेलवा डोव तालाब की होगी सफाई :
राजगीर के कुंडों व झरनों का पानी भेलवा डोव तालाब से आने की संभावना को देखते हुए तालाब की सफाई की योजना भी तैयारी की जा रही है. इसलिए लिए सिंचाई विभाग को जिम्मेवारी सौंपी गयी है. तालाब की सफाई होने से पानी का रिसाव वाले बंद पड़े छिद्रो के खुल जाने की उम्मीद जतायी जा रही है.
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