दो साल तक होगी मॉनीटरिंग

Updated at : 08 Sep 2015 6:52 AM (IST)
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दो साल तक होगी मॉनीटरिंग

प्रपोजल बनाने के लिए निगम को मिली एजेंसी बिहार राज्य अरबन डेवलपमेंट एजेंसी बनायी बिहारशरीफ : स्मार्ट सिटी का प्रपोजल बनाने में बिहारशरीफ नगर निगम जुट गया है. स्मार्ट सिटी के लिए पहले साल से ही रुपये मिलने लगे इसे लेकर विकास की रुपरेखा तैयार करने में नगर आयुक्त जुट गये है. योजना के पहले […]

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प्रपोजल बनाने के लिए निगम को मिली एजेंसी
बिहार राज्य अरबन डेवलपमेंट एजेंसी बनायी
बिहारशरीफ : स्मार्ट सिटी का प्रपोजल बनाने में बिहारशरीफ नगर निगम जुट गया है. स्मार्ट सिटी के लिए पहले साल से ही रुपये मिलने लगे इसे लेकर विकास की रुपरेखा तैयार करने में नगर आयुक्त जुट गये है. योजना के पहले चरण स्मार्ट सिटी में किस प्रकार शहर का विकास हो सकता है, इसके लिए शहर के बुद्वीजीवियों के साथ बैठक कर उनसे सुझाव की मांग की जायेगी. विकास का प्रपोजल तैयार करने के लिए नगर निगम को कंसलटेंट भी मिल गया है.
विकास का खाका तैयार करने के लिए बिहार राज्य अरबन डेवलपमेंट एजेंसी को कंसलटेंट बनाया गया. कंसलटेंट के द्वारा तैयार की गयी विकास की रुपरेखा को इस साल के दिसबंर माह तक केन्द्र सरकार के पास भेजना होगा. केन्द्र सरकार द्वारा प्रपोजल की स्वीकृत मिलने के बाद वर्ष 2016 से नगर निगम को शहर के विकास के लिए रुपये मिलने लगेंगे. योजना की खास बात यह है दो साल तक केन्द्र सरकार द्वारा इसकी मॉनिटरिंग की जायेगी.
पांच साल में मिलेंगे एक हजार करोड़ रुपये : स्मार्ट सिटी के तहत पांच साल में बिहारशरीफ नगर निगम को एक हजार करोड़ रुपये मिलेंगे. स्मार्ट सिटी के तहत नगर निगम को हर वर्ष दो सौ करोड़ दिये जाने का प्रावधान है.
पहले साल में ही प्रोपोजल को पूरा करने में जुटे नगर आयुक्त : नगर निगम को पहले वर्ष से ही विकास के लिए राशि मिली शुरू हो जाय. इसके लिए विकास का खाका तैयार करने में नगर आयुक्त कौशल कुमार जुट गये हैं. इसके लिए उन्होंने पहले चरण में शहर के बुद्विजीवियों के साथ बैठक उनसे राय लेंगे. स्मार्ट सिटी का का मॉडल कैसा हो इस पर भी बैठक में चर्चा की जायेगी.
दिसम्बर तक भेजना होगा प्रपोजल : स्मार्ट सिटी के प्रपोजल को हर हाल में दिसंबर माह तक केंद्र सरकार को भेजना होगा. इसके लिए अभी से मशक्कत शुरू कर दी गयी है. कंसलटेंट के द्वारा तैयार किये गये प्रपोजल को ही भेजना होगा.
2016 से मिलने लगेंगे रुपये : केन्द्र सरकार के पास भेजे गये प्रपोजल की स्वीकृति मिलने पर ही 2016 से रुपये मिलने लगेंगे. पहले साल में बिहारशरीफ नगर निगम को दौ सौ करोड़ रुपये मिलेंगे. जिसमें केन्द्र व बिहार सरकार सौ-सौ करोड़ रुपये की हिस्सेदारी होगी.
दो साल तक लगातार प्रपोजल नहीं भेजने पर छह सौ करोड़ का होगा नुकसान : स्मार्ट सिटी के लिए बनाये गये नियमों के अनुसार पहले साल में प्रपोजल नहीं भेजने पर एक सौ करोड़ रुपये का नुकसान बिहारशरीफ नगर निगम को होगा. वहीं अगर दूसरे साल में भी प्रपोजल नहीं भेजा जा सका नगर निगम को पांच साल में छह सौ करोड़ रुपये का नुकसान उठाना होगा.
अटल अमृत योजना तहत भी मिलेंगे रुपये : बिहारशरीफ शहर का विकास करने के लिए नगर निगम को अटल अमृत योजना के तहत भी दस करोड़ रुपये दिये जाएंगे. इसके तहत 50 फीसदी राशि केंद्र,30 फीसदी राज्य सरकार व 20 फीसदी राशि नगर निगम द्वारा लगायी जायेगी.
तीन प्रकार से दिया जा सकता है स्मार्ट सिटी का प्रोपोजल
स्मार्ट सिटी के निर्माण को लेकर प्रोपोजल निर्माण की योजना के तहत तीन प्रकार का प्रोपोजल देने के लिए तीन प्रकार का चयन किया गया है. इन्हीं तीन में से कोई प्रकार का प्रयोग करते हुए शहर में स्मार्ट सिटी को मूर्त रूप दिया जायेगा. तीनों तरहों के प्रपोजल में पहले प्रपोजल के तहत शहर का पुन:निर्माण करना है जिसके तहत पुर्ननिर्माण के लिए शहर को तोड़ कर विकसित करना शामिल है.
वहीं दूसरी प्रोपोजल में शहर के दायरे को बढ़ाते हुए खाली क्षेत्रों में नया शहर बसाना एवं तीसरे प्रपोजल में वर्तमान में शहर की स्थिति में संसाधनों को विस्तृत करते हुए शहर को स्मार्ट सिटी की ओर ले जाना शामिल है. इसके तहत क्षेत्र में वाटर सीवरेज की व्यवस्था, अंडग्राउंड नाले का निर्माण, कचरा प्रबंधन सहित अन्य कार्यों को प्रमुखता देना शामिल है.
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