बिहार के ऋषभ राज ने बनाई तनाव दूर करने की मशीन, जीता राष्ट्रीय पुरस्कार, जानें कैसे काम करती है मशीन
मुजफ्फरपुर के जीरोमाइल में रहने वाले ऋषभ राज ने तनाव दूर करने की मशीन बनाकर राष्ट्रीय पुरस्कार जीता है. वह डीएवी बखरी में दसवीं के छात्र हैं. 24 जनवरी को गुजरात विवि और यूनेस्को ने मिलकर चिल्ड्रेन इनोवेशन फेस्टिवल करायी थी. इस प्रतियोगिता में ऋषभ ने हिस्सा लिया था. प्रतियोगिता का रिजल्ट नौ अप्रैल को आया था.
मुजफ्फरपुर के जीरोमाइल में रहने वाले ऋषभ राज ने तनाव दूर करने की मशीन बनाकर राष्ट्रीय पुरस्कार जीता है. वह डीएवी बखरी में दसवीं के छात्र हैं. 24 जनवरी को गुजरात विवि और यूनेस्को ने मिलकर चिल्ड्रेन इनोवेशन फेस्टिवल करायी थी. इस प्रतियोगिता में ऋषभ ने हिस्सा लिया था. प्रतियोगिता का रिजल्ट नौ अप्रैल को आया था.
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ऋषभ ने बताया कि दिसंबर में प्रतियोगिता में शामिल होने वाले छात्रों की सूची जारी की गयी थी. इसमें पूरे देश से 200 छात्रों के नाम थे. अप्रैल में जो रिजल्ट जारी किया गया है उसमें पूरे देश से 50 छात्रों के नाम दर्ज हैं. ऋषभ इससे पहले बाल विज्ञान कांग्रेस में भी इस मशीन का प्रदर्शन कर राज्यस्तरीय पुरस्कार जीत चुके हैं.
धड़कन को गिनकर तनाव कम करती है मशीन . ऋषभ ने बताया कि यह मशीन धड़कन को गिनकर तनाव कम करती है. धड़कन के बढ़े रहने पर मशीन को पता चल जाता है कि व्यक्ति कितने तनाव में है. इसके बाद वह तनाव कम करने वाले हार्मोन अल्फा वेब को आर्टिफिशियली निकालना शुरू करती है. इस वेब के निकलने के बाद व्यक्ति का तनाव कम हो जाता है.
शरीर के किसी हिस्से में लग जायेगी मशीन . इस मशीन को शरीर के किसी भी हिस्से में चिपकाना होगा. यह मशीन काफी छोटी है. ऋषभ ने बताया कि मशीन में सेंसर लगा हुआ है, जो किसी भी हिस्से से धड़कन बढ़ने का पता लगा लेगी. हाइपरटेंशन के मरीज इसका हमेशा उपयोग कर सकते हैं, सिर्फ सोते वक्त इसे हटा देना होगा.
Posted By: Thakur Shaktilochan
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