SKMCH की पैथोलॉजी लैब पर गिरी आकाशीय बिजली, मुख्य सर्वर और उपकरण ठप, मरीजों की जांच अटकी
SKMCH की पैथोलॉजी लैब पर गिरी आकाशीय बिजली
उत्तर बिहार के सबसे बड़े अस्पताल SKMCH की पैथोलॉजी लैब में आकाशीय बिजली गिरने से हाहाकार मच गया. बिजली गिरने से लैब का मुख्य सर्वर, कंप्यूटर और बायोकेमिस्ट्री जांच से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मशीनें अचानक बंद हो गईं, जिससे मरीजों की जांच प्रक्रिया पूरी तरह ठप पड़ गई.
SKMCH Lightning Strike: उत्तर बिहार के सबसे बड़े अस्पताल (एसकेएमसीएच की पैथोलॉजी लैब में देर रात आकाशीय बिजली (ठनका) गिरने से अस्पताल की जांच व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. तेज धमाके के साथ गिरे ठनके के कारण पैथोलॉजी विभाग का मुख्य सर्वर, कंप्यूटर और बायोकेमिस्ट्री जांच से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मशीनें अचानक बंद हो गईं. लैब में तकनीकी खराबी आने से ओपीडी और वार्डों में भर्ती गंभीर मरीजों की जांच प्रक्रिया पूरी तरह ठप पड़ गई, जिससे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
Lightning: तेज धमाके से सहमे कर्मी, भागकर बचाई जान
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार देर रात मूसलाधार बारिश के दौरान अचानक आकाशीय बिजली गिरी. इस जोरदार झटके और धमाके से ड्यूटी पर तैनात लैब टेक्नीशियन और अन्य स्वास्थ्य कर्मी बुरी तरह दहशत में आ गए. किसी अनहोनी की आशंका में सभी कर्मचारी अपनी जान बचाने के लिए तुरंत लैब से बाहर की ओर भागे. कुछ देर बाद जब स्थिति शांत हुई और कर्मी अंदर लौटे, तो लैब का मुख्य सर्वर और कंप्यूटर सिस्टम पूरी तरह बंद पाए गए.
बायोकेमिस्ट्री जांच मशीन और सर्वर हुआ ठप
ठनका गिरने से बायोकेमिस्ट्री जांच मशीन से जुड़ा कंप्यूटर और विभाग का केंद्रीय सर्वर पूरी तरह क्रैश हो गया. सर्वर डाउन होने से न तो मरीजों के ब्लड सैंपल की डिजिटल डेटा एंट्री हो पा रही है और न ही जांच रिपोर्ट ऑनलाइन जनरेट की जा सकी. अस्पताल की पूरी डिजिटल रिपोर्टिंग प्रणाली ठप हो जाने के कारण विभिन्न तरह की रक्त जांचों का काम पूरी तरह रुक गया.
रातभर चला रीस्टार्ट का प्रयास, नहीं मिली सफलता
हादसे की सूचना मिलते ही डेटा ऑपरेटर राहुल कुमार देर रात ही अस्पताल पहुंचे और सर्वर व सिस्टम को रीबूट करने की लगातार कोशिश की, लेकिन तकनीकी खराबी गंभीर होने के कारण सफलता नहीं मिल सकी. सुबह तक भी सर्वर बहाल न होने से स्थिति और बिगड़ गई. इसके चलते पैथोलॉजी लैब के बाहर मरीजों और उनके परिजनों की लंबी कतारें लग गईं. मुजफ्फरपुर सहित आसपास के जिलों से आए सैकड़ों तीमारदार जांच के लिए घंटों कतार में खड़े होकर परेशान होते रहे.
तकनीकी टीम बुलाई गई, जल्द व्यवस्था सुधारने का दावा
मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लिया है. प्रबंधन का कहना है कि जले और खराब हुए उपकरणों को दुरुस्त करने के लिए उच्चस्तरीय टेक्निकल टीम को बुलाया गया है. इंजीनियरों की टीम सर्वर और मशीनों को ठीक करने में जुटी है, ताकि जांच कार्य को जल्द से जल्द दोबारा सुचारू रूप से शुरू किया जा सके.
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