मुजफ्फरपुर समेत पूरे बिहार में रजिस्ट्री ऑफिसों की हड़ताल जारी, 11 सितंबर के हाईकोर्ट फैसले पर टिकी नजर
सांकेतिक तस्वीर
पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था के खिलाफ कातिबों और स्टांप वेंडरों का अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी है. पटना हाईकोर्ट में 11 सितंबर को अगली सुनवाई होनी है, जिसके बाद ही आगे की रणनीति तय होगी.
Muzaffarpur News: राज्य सरकार की पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था के खिलाफ मुजफ्फरपुर समेत पूरे बिहार में कातिबों और स्टांप वेंडरों का अनिश्चितकालीन आंदोलन फिलहाल जारी रहेगा. पटना हाईकोर्ट में सोमवार को मामले पर अंतरिम फैसला आने की उम्मीद थी, लेकिन विभिन्न जिलों से दायर याचिकाओं की एक साथ सुनवाई के लिए अदालत ने अगली तारीख 11 सितंबर तय कर दी है. अब कातिब और स्टांप वेंडर हाईकोर्ट के फैसले के बाद ही काम पर लौटने को लेकर निर्णय लेंगे.
आपके शहर में
17 अगस्त से ठप है रजिस्ट्री ऑफिसों का कामकाज
पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में 17 अगस्त से मुजफ्फरपुर सहित बिहार के विभिन्न जिलों के रजिस्ट्री कार्यालयों में कातिबों और स्टांप वेंडरों की हड़ताल चल रही है. आंदोलन के कारण रजिस्ट्री से जुड़े कामकाज पर व्यापक असर पड़ा है.
जमीन और संपत्ति की खरीद-बिक्री से जुड़े लोगों को रजिस्ट्री कराने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. लगातार काम बंद रहने से आम लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है.
हाईकोर्ट ने 11 सितंबर तय की अगली तारीख
मामले में सोमवार को पटना हाईकोर्ट में सुनवाई होनी थी. अंतरिम आदेश की उम्मीद के बीच अदालत ने बिहार के अलग-अलग जिलों से दायर याचिकाओं की एक साथ सुनवाई करने के लिए अगली तारीख 11 सितंबर निर्धारित कर दी.
इससे आंदोलन के तत्काल खत्म होने की संभावना फिलहाल टल गई है.
फैसले के बाद ही काम पर लौटने के मूड में कातिब
मुजफ्फरपुर दस्तावेज नवीस संघ के अध्यक्ष संजीव कुमार ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद ही संघ आगे की रणनीति तय करेगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोर्ट के फैसले से पहले सरकार पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था वापस लेने और उनकी मांगों पर सकारात्मक विचार करती है, तो कातिब काम पर लौटने पर विचार कर सकते हैं.
उन्होंने कहा कि अन्यथा आंदोलन जारी रहेगा.
सरकार के सकारात्मक फैसले का भी इंतजार
संघ अध्यक्ष के अनुसार कातिब और स्टांप वेंडर चाहते हैं कि सरकार उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करे. यदि सरकार की ओर से उनकी मांगों के अनुरूप कोई सकारात्मक निर्णय आता है, तो हड़ताल समाप्त करने की संभावना बन सकती है.
फिलहाल सभी की नजर सरकार के रुख और 11 सितंबर को होने वाली हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिकी है.
रजिस्ट्री ठप रहने से सरकार को भी राजस्व नुकसान
कातिबों और स्टांप वेंडरों की हड़ताल के कारण रजिस्ट्री कार्यालयों में दस्तावेजों का निबंधन प्रभावित हुआ है. इससे जमीन और संपत्ति से जुड़े लोगों के काम अटक रहे हैं. वहीं लगातार रजिस्ट्री कार्य प्रभावित रहने से सरकार को भी राजस्व का नुकसान होने की बात कही जा रही है.
यह भी पढ़ें: जहां पढ़ना चाहिए, वहीं पानी के लिए तरस रहे बच्चे, अकौना स्कूल की बदहाल तस्वीर
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए