मुंगेर के तारापुर में दो दिनों की बारिश ने खोल दी विकास की पोल, सड़कें बनीं तालाब, घुटनों तक पानी में चलने को मजबूर लोग
गंदे पानी और कचरे के बीच से गुजरने को विवश हैं स्थानीय लोग. | Prabhat Khabar Network
तारापुर में लगातार हो रही बारिश ने नगर पंचायत की व्यवस्था की पोल खोल दी है. सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया है, जिससे लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी हो रही है. स्थानीय लोग प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं.
Tarapur Waterlogging: तारापुर में पिछले दो दिनों से हो रही बारिश ने नगर पंचायत की सफाई और जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिये हैं. रुक-रुककर हो रही बारिश के बाद कई इलाकों की सड़कें तालाब में तब्दील हो गयी हैं. नालियां जाम होने के कारण बारिश का पानी निकल नहीं पा रहा है और अब यही पानी लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है.
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सबसे ज्यादा खराब स्थिति वार्ड संख्या 8 नवटोलिया और वार्ड संख्या 9 कुशवाहा कॉलोनी को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग की है. यहां सड़क पर घुटनों तक गंदा पानी जमा हो गया है. लोगों के सामने सबसे बड़ी मुश्किल यह है कि रोजमर्रा के काम के लिए घर से निकलें तो निकलें कैसे. पैदल चलने वालों से लेकर दोपहिया वाहन चालकों तक को जलजमाव के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है.
नाली जाम हुई तो सड़क पर जमा हो गया बारिश का पानी
स्थानीय लोगों के अनुसार, बारिश के दौरान नालियों का पानी बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिल पाता है. यही वजह है कि थोड़ी देर की बारिश के बाद भी सड़क पर पानी जमा होने लगता है. पिछले दो दिनों से जारी बारिश ने इस समस्या को और गंभीर कर दिया है.
सड़क पर जमा पानी सिर्फ आवागमन की परेशानी नहीं बढ़ा रहा, बल्कि इसकी गंदगी और बदबू से भी लोग परेशान हैं. लंबे समय तक पानी जमा रहने से आसपास रहने वाले लोगों को संक्रमण और दूसरी बीमारियों का खतरा भी सता रहा है.
बच्चों की पढ़ाई से लेकर बुजुर्गों के निकलने तक पर असर
जलजमाव का सीधा असर आम लोगों की दिनचर्या पर पड़ रहा है. बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी हो रही है. वहीं बुजुर्गों के लिए जरूरी काम से घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. सड़क पर पानी इतना अधिक है कि लोगों को अपने कदम संभालकर आगे बढ़ना पड़ रहा है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश कोई असामान्य घटना नहीं है. इसके बावजूद यदि नालियों की सफाई और पानी निकासी की पर्याप्त व्यवस्था पहले से नहीं है, तो हर बारिश के बाद यही स्थिति बनती है. इससे नगर पंचायत की सफाई व्यवस्था और विकास के दावों पर सवाल उठना स्वाभाविक है.
गंदे पानी के बीच आवागमन से बढ़ी बीमारी की चिंता
सड़कों पर जमा गंदे पानी के बीच लगातार आवाजाही लोगों के लिए स्वास्थ्य संबंधी चिंता भी बढ़ा रही है. स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि जलजमाव लंबे समय तक बना रहा तो समस्या और गंभीर हो सकती है. पानी के कारण सड़क और आसपास के इलाकों की स्थिति नारकीय बनी हुई है.
Tarapur Waterlogging: लोगों ने दी आंदोलन की चेतावनी
जलजमाव से परेशान स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी है. उनका कहना है कि समस्या का समाधान केवल बारिश के दौरान पानी हटाने तक सीमित नहीं होना चाहिए. नालियों की नियमित सफाई और जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था जरूरी है, ताकि हर बारिश में सड़कें तालाब में तब्दील न हों.
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द नालियों की सफाई कराने और जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है. लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे.
अब लोगों की नजर इस बात पर है कि नगर पंचायत जलजमाव की इस समस्या को कब तक दूर करता है और अगली बारिश से पहले क्या स्थायी व्यवस्था की जाती है.
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