महिलाएं पुरुष से बराबरी की हठधर्मिता न करें
Author :Prabhat Khabar Digital Desk
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Updated at :04 Apr 2017 5:35 AM
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मुंगेर पहुंची गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने कहा महिलाओं की शिक्षा विषय पर आयोजित सेमीनार को किया संबोधित मुंगेर : गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने कहा कि बेटा-बेटी, स्त्री-पुरुष कभी भी बराबर नहीं हो सकते. प्रकृति ने ही इसे अलग-अलग बनाया और पहचान दी है. इसलिए महिलाएं पुरुष की बराबारी की हठधर्मिता का […]
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मुंगेर पहुंची गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने कहा
महिलाओं की शिक्षा विषय पर आयोजित सेमीनार को किया संबोधित
मुंगेर : गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने कहा कि बेटा-बेटी, स्त्री-पुरुष कभी भी बराबर नहीं हो सकते. प्रकृति ने ही इसे अलग-अलग बनाया और पहचान दी है. इसलिए महिलाएं पुरुष की बराबारी की हठधर्मिता का त्याग करें. समानता के नाम पर स्त्री को पुरुष बनाने की बात सही नहीं है. नारी विकास की प्रतिक है और आप हमेशा विकास को गति दें. वे सोमवार को नगर भवन में ‘महिलाओं की शिक्षा’ विषय पर आयोजित सेमिनार को संबोधित कर रही थीं.
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी हमेशा पूजनीय रही है और आज भी पूजनीय है. नारी हमेशा मां, बहन, पत्नी, बेटी के रूप में नजर आयी है. पत्नी बन कर पति की देखभाल करती है.
पति क्या खायेगा और क्या पहनेगा पत्नी ही उसका ख्याल रखती है. पत्नी ही वह महिला है तो पति को मां का प्यार देती है. पति को दुनिया की बुराइयों से बचाने के लिए अपने आंचल में छिपा लेती है. महिला आज भी हमारे घर की इज्जत होती है, उसे पगड़ी का दर्जा प्राप्त है. पगड़ी को हर पुरुष अपनी शान समझते हैं. उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में हर पिता अपने बेटी को पढ़ाने के लिए आगे आ रहे हैं. इसी का परिणाम है कि आज बेटी सेना जैसी नौकरी में आ चुकी है.
महिलाएं पुरुष से…
आप सिर्फ साक्षर नहीं शिक्षित बनें. पैसा कमाने के लिए ही शिक्षा ग्रहण नहीं करें बल्कि एक संपूर्ण मानव बनें. अपने अंदर मानवीय गुणों का भंडारण करें. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को पत्र लिख कर मैंने दो अवार्ड को लागू करने का आग्रह किया है. पहला विजयनी अवार्ड. यह अवार्ड उन महिलाओं को दिया जाय जिन्होंने अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाया और विजयी हुई. दूसरा अवार्ड रक्षक. यह पुरस्कार वैसे नौजवान, पुरुष को दिया जाय जिन्होंने अपनी जान पर खेल कर किसी महिला की इज्जत की रक्षा की हो.
उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे न तो कठपुतली बने और न ही उड़नपरी बनने की कोशिश करें. कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो अजफर शमसी ने की. विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ रामकृपाल सिन्हा, जिलाधिकारी उदय कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक आशीष भारती, प्रो प्रभात कुमार ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त किये.
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