अस्पताल के वार्ड में जलता है गैस चूल्हा लापरवाही. अग्निशामक यंत्र हुए बेकार
Author :Prabhat Khabar Digital Desk
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Updated at :19 Dec 2016 7:32 AM
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सदर अस्पताल में अगलगी से बचाव का कोई उपाय नहीं है. यहां रखे अग्निशमन यंत्र के गैस में रीफिलिंग नहीं हुई है. वहीं वार्ड में भी स्टोव जलाया जाता है. लापरवाही बड़े हादसे का कारण हो सकती है. मुंगेर : अगलगी की घटना के लिए छोटी सी चिनगारी भी काफी होती है़ सदर अस्पताल में […]
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सदर अस्पताल में अगलगी से बचाव का कोई उपाय नहीं है. यहां रखे अग्निशमन यंत्र के गैस में रीफिलिंग नहीं हुई है. वहीं वार्ड में भी स्टोव जलाया जाता है. लापरवाही बड़े हादसे का कारण हो सकती है.
मुंगेर : अगलगी की घटना के लिए छोटी सी चिनगारी भी काफी होती है़ सदर अस्पताल में भी प्रबंधन द्वारा अगलगी से बचाव के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गयी है़ किंतु उनकी यह व्यवस्था पूरी तरह खोखली है़ अस्पताल के विभिन्न विभागों एवं वार्डों में अगलगी की घटना से निबटने के लिए अग्निशामक यंत्र तो लगे हैं, किंतु पिछले 10 महीने से इन यंत्रों की रीफिलिंग नहीं करायी गयी है़ अलबत्ता यह कि अस्पताल के वार्ड में रोगी के परिजन छोटे गैस सिलंडर का प्रयोग करते हैं जो अगलगी की घटना को खुला आमंत्रण दे रहा है़
वार्ड के भीतर जलता है गैस चूल्हा: सदर अस्पताल के महिला मेडिकल वार्ड में एक मरीज के परिजन छोटे सिलेंडर वाले गैस चूल्हे को जला कर काम कर रही थी. जब उनसे पूछा गया कि गैस चूल्हा से अगलगी की दुर्घटना हो सकती है, तो चूल्हे पर काम रही महिला ने जबाव दिया कि बार-बार गरम पानी व नाश्ता के लिए गैस चूल्हा जलाना उनकी मजबूरी है़ इससे पहले पुरुष सर्जिकल वार्ड में भी स्टोव पर मरीज के लिए खाना बनाने का मामला प्रकाश में आया था़ इसकी शिकायत होने पर अस्पताल उपाधीक्षक ने संबंधित परिजन को स्टोव जलाने से मना किया था़ ठंड के दिनों में वार्ड के भीतर गैस चूल्हा व स्टोव के जलाये जाने का मामला प्राय: पाया जाता रहा है़ इससे हमेशा अगलगी के दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है़
10 महीने से नहीं हुई रीफिलिंग
कहते हैं अस्पताल उपाधीक्षक
वार्ड में किसी भी प्रकार के ज्वलनशील पदार्थ के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध है़ पकड़े जाने पर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी़ अग्निशामक यंत्रों की रीफिलिंग जल्द ही करवा दी जायेगी़
राकेश कुमार सिन्हा, अस्पताल उपाधीक्षक
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