आधे दर्जन राहत शिविर हुए बंद

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 02 Sep 2016 5:36 AM

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बाढ़ का खतरा खत्म. डेंजर लेवल से 46 सेंटीमीटर नीचे पहुंची गंगा गंगा का जल स्तर खतरे के निशान से नीचे जाने के बाद बाढ़पीड़ितों को राहत मिली है. बनाये गये राहत शिविर धीरे-धीरे बंद किये जा रहे हैं. पीड़ित अपने गांवों की अोर लौट रहे हैं. पानी घटने के बाद टीकारामपुर गांव मुंगेर :जिले […]

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बाढ़ का खतरा खत्म. डेंजर लेवल से 46 सेंटीमीटर नीचे पहुंची गंगा

गंगा का जल स्तर खतरे के निशान से नीचे जाने के बाद बाढ़पीड़ितों को राहत मिली है. बनाये गये राहत शिविर धीरे-धीरे बंद किये जा रहे हैं. पीड़ित अपने गांवों की अोर लौट रहे हैं.
पानी घटने के बाद टीकारामपुर गांव
मुंगेर :जिले में बाढ़ का खतरा खत्म हो गया है. गंगा का जलस्तर अब तेजी से घटने लगा है़ गुरुवार को मुंगेर में गंगा डेंजर लेवल से 46 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गयी. शाम 6 बजे जलस्तर घट कर 38.87 मीटर तक पहुंच गया. जलस्तर में कमी आने से जहां प्रभावित इलाके के लोग व जिला प्रशासन ने थोड़ी राहत की सांस ली है़ वहीं अब बाढ़ पीड़ित परिवारों के समक्ष घर-गृहस्थी की चिंता गहराने लगी है़ बाढ़ का पानी कम हो जाने के कारण आधे दर्जन राहत शिविरों को बंद कर दिया गया. साथ ही बाढ़ पीड़ित अब अपने घर लौट रहे हैं.
पीड़ितों को सताने लगी आवास की चिंता: बाढ़पीड़ित परिवारों के सामने अब आवास की चिंता गहराने लगी है़ घरों में भरा हुआ गाद तथा आंगन में फैले कीचड़ से स्थिति नारकीय हो गयी है़ जब तक इसे साफ नहीं किया जायेगा, तब तक लोगों को घर में रहना मुश्किल है़ ये बात वैसे लोगों के लिए है जिनके घरों में बाढ़ का पानी घुसा और अब निकल चुका है़ किंतु कई ऐसे भी पीड़ित परिवार हैं, जिनके घर गंगा की तेज बहाव में बह चुके हैं. ऐसे दर्जनों पीड़ित परिवार हैं, जिन्हें अब अपने घर से लेकर राशन- पानी तक की व्यवस्था नये सिरे से करनी होगी़
निचले इलाके में फंसा बाढ़ का पानी : बाढ़ इस बार विकराल बन कर आयी. नगर निगम के आधे दर्जन वार्ड में पानी घूस गया और शहरी व्यवस्था को ध्वस्त कर दिया. बाढ़ का पानी पिछले दो दिनों से तेजी से भाग रहा है. लेकिन निचले इलाके व गड्ढों में बाढ़ का पानी अब भी फंसा हुआ है. शहर के लाल दरवाजा, मिर्ची तालाब, हेरूदियारा, चुआबाग, लल्लू पोखर, मोकबीरा, चाय टोला, बेलन बाजार सहित दर्जनों स्थानों पर जल निकासी की व्यवस्था नहीं रहने से बाढ़ का पानी फंस गया है. जो धीरे-धीरे सड़ने लगा है. लेकिन मजबूरी में लोगों को इसी पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है. जिससे उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
विभिन्न स्थान स्थानों पर गंगा का जलस्तर
स्थान जलस्तर
मुंगेर 38.87 मीटर
भागलपुर 34.28 मीटर
कहलगांव 32.48 मीटर
साहेबगंज 28.69 मीटर
फरक्का 24.04 मीटर
दियारा क्षेत्र में अब भी राहत नहीं
गंगा का जलस्तर अब तेजी से घटने लगा है़ जिससे अब धीरे-धीरे बाढ़ प्रभावित इलाकों से पानी निकलने लगा है़ केंद्रीय जल आयोग से मिली रिपोर्ट के अनुसार इलाहाबाद में जहां 5 सेंटीमीटर प्रति घंटा के रफ्तार से जलस्तर घट रही है, वहीं पटना में तीन सेंटीमीटर प्रति घंटा के रफ्तार से जलस्तर में कमी आ रही है़ हाल यह है कि लोग अब अपने आशियानों की ओर रूख करने लगे हैं. लेकिन दियारा क्षेत्र का जन- जीवन अब भी बेपटरी है तथा यहां के जन- जीवन को गुलजार होने में अभी वक्त लगेगा़
शनिवार से हो सकते हैं मां चंडी के दर्शन
मुंगेर. गंगा का जलस्तर घटने के साथ ही सिद्धपीठ चंडिका स्थान में भी पानी का स्तर घट गया है. बावजूद अब भी मंदिर में पानी है. पानी व बाढ़ के साथ आया गाद की सफाई के बाद ही मंदिर का पट श्रद्धालुओं के लिए खोला जायेगा. माना जा रहा है कि शनिवार से मंदिर में पुन: पूजा-अर्चना प्रारंभ होगी और आम लोग मां चंडी का दर्शन कर पायेंगे. यूं तो अबतक मंदिर प्रबंधन ने इस संदर्भ में घोषणा नहीं की है. बावजूद गंगा के घटते जलस्तर से अनुमान लगाया जा रहा है
कि शुक्रवार से मंदिर के साफ-सफाई का कार्य प्रारंभ होगा. विदित हो कि बाढ़ की विभिषिका का कहर मां चंडिका स्थान को भी झेलनी पड़ी. चंडिका स्थान के गर्भ गृह में पानी भर जाने के बाद मंदिर प्रबंधन ने पूजा-अर्चना पर रोक लगा दी थी और द्वार को बंद कर दिया था.
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