58 वर्षों से आस्था का केंद्र बनी है बड़ी बम काली

Updated:
विज्ञापन

58 वर्षों से आस्था का केंद्र बनी है बड़ी बम काली काली पूजा की तैयारी चरम पर, बनाये जा रहे भव्य पंडालफोटो संख्या : 2,3,4फोटो कैप्सन : प्रतिमा को दिया जा रहा अंतिम रूप व सज-धज कर तैयार तैयार पूजा पंडाल प्रतिनिधि, मुंगेरजिले भर में काली पूजा की तैयारी अपने चरम पर है. शहर से […]

विज्ञापन

58 वर्षों से आस्था का केंद्र बनी है बड़ी बम काली काली पूजा की तैयारी चरम पर, बनाये जा रहे भव्य पंडालफोटो संख्या : 2,3,4फोटो कैप्सन : प्रतिमा को दिया जा रहा अंतिम रूप व सज-धज कर तैयार तैयार पूजा पंडाल प्रतिनिधि, मुंगेरजिले भर में काली पूजा की तैयारी अपने चरम पर है. शहर से लेकर गांव तक अलग- अलग पूजा समितियों द्वारा पूजा को लेकर जहां प्रतिमा को अंतिम रूप दिया जा रहा है. वहीं पूजा पंडालों का निर्माण कार्य भी जोर- शोर से चल रहा है. वैसे तो जिले भर में सौ से अधिक प्रतिमाएं स्थापित की जाती है. किंतु शहर में तीन बम काली की विशाल प्रतिमा दशकों से श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. पते की बात यह है कि तीनों ही प्रतिमा गांधी चौक के ईद-गिर्द ही स्थापित होती है, जिससे श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए ज्यादा इधर-उधर नहीं जाना पड़ता है. 58 साल पुरानी है बड़ी बम कालीशहर के रामपुर भिखारी पीपल तल्ले स्थित श्री श्री 108 पुरानी बड़ी बम काली महारानी पिछले 58 सालों से स्थापित हो रही है. पूजा समिति के अध्यक्ष निर्भय कुमार ने बताया कि वर्ष 1957 में यहां पहली बार माता काली की प्रतिमा स्थापित की गयी थी. किंतु उस समय प्रतिमा का आकार सामान्य था. वर्ष 1970 से प्रतिमा को विशाल रूप दिया गया. तब से अब तक लगभग 20 फीट की प्रतिमा बनायी जा रही है.तैयारी में जुटे हैं कार्यकर्तासचिव बिट्टू कुमार सोनी ने बताया कि काली पूजा को लेकर समिति के कार्यकर्ता दिन- रात तैयारी में जुटे हुए हैं. यहां पचास हजार की लागत 32 फीट का भव्य प्रवेश द्वार व पंडाल के निर्माण का कार्य चल रहा है. जिसे एलइडी बल्वों व फूलों से सजाया जायेगा. मेले को आकर्षक बनाने के लिए मीना बाजार, झूला व मिक्की माउंस सहित अन्य मनोरंजन के साधन भी मंगाये जा रहे हैं. लगाया जाता है 56 प्रकार के भोगबड़ी बम काली की विसर्जन शोभा यात्रा का नजारा अपने-आप में एक खासियत रखती है. विसर्जन के दौरान जहां हाथी, घोड़े व बाजे- गाजे से एक उत्सवी माहौल बन जाता है. वहीं अखाड़ा के खिलाडि़यों द्वारा अद्भुत करतब भी प्रस्तुत किये जाते हैं. विसर्जन के दौरान अलग-अलग स्थानों पर माता की आरती करने के साथ-साथ उन्हें छप्पन प्रकार का भोग भी लगाया जाता है. 12 नवंबर को यहां माता को खीर व हलुवा का भोग लगाया जायेगा तथा 13 नवंबर को खिचड़ी का. साथ इसी दिन भंडारा का भी आयोजन किया जायेगा. 14 नवंबर को प्रतिमा का विसर्जन किया जायेगा.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन