प्रांतीय ज्ञान-विज्ञान मेला में मुंगेर सर्वश्रेष्ठ

Published at :08 Oct 2017 3:13 AM (IST)
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प्रांतीय ज्ञान-विज्ञान मेला में मुंगेर सर्वश्रेष्ठ

सरस्वती िवद्या मंिदर में प्रांतीय ज्ञान-िवज्ञान मेला का किया गया आयोजन मुंगेर : भारती शिक्षा समिति एवं शिशु शिक्षा प्रबंध समिति के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को स्थानीय सरस्वती विद्या मंदिर पुरानीगंज में प्रांतीय ज्ञान-विज्ञान मेला का आयोजन किया गया. इस मेले में मुंगेर, भागलपुर, पटना, नालंदा, रोहतास व भोजपुर विभाग के कुल 900 प्रतिभागी […]

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सरस्वती िवद्या मंिदर में प्रांतीय ज्ञान-िवज्ञान मेला का किया गया आयोजन

मुंगेर : भारती शिक्षा समिति एवं शिशु शिक्षा प्रबंध समिति के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को स्थानीय सरस्वती विद्या मंदिर पुरानीगंज में प्रांतीय ज्ञान-विज्ञान मेला का आयोजन किया गया. इस मेले में मुंगेर, भागलपुर, पटना, नालंदा, रोहतास व भोजपुर विभाग के कुल 900 प्रतिभागी छात्र-छात्राओं ने भाग लिया. जिसमें मुंगेर विभाग का प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ रहा. इस मेले का उद‍्घाटन मुंगेर के पुलिस अधीक्षक आशीष भारती, क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक प्रतिभा कुमारी, विद्या भारती के क्षेत्रीय मंत्री कमल किशोर सिन्हा, डॉ अजय कुमार, प्रकाश चंद जायसवाल एवं निर्मल कुमार जालान ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया.
कार्यक्रम का उद‍्घाटन करते हुए एसपी आशीष भारती ने कहा कि विज्ञान मेला बच्चों में सूजनात्मक गुण को विकसित करने का अवसर प्रदान करता है. जीवन में सफल होने के लिए वैज्ञानिक सोच विकसित करना जरूरी है. किताब में पढ़ी हुई चीजों को क्रियात्मक रूप से धरातल पर उतारने का प्रयास करें तथा समस्या ढूंढने वाला नहीं बनें, बल्कि उसका समाधान करने का भी प्रयास करें.
प्रश्न करें और उसका समाधान ढूंढे. उन्होंने थोमस एडिशन का उदाहरण देते हुए बताया कि बिजली का बल्व बनाने में वे 999 बार प्रयास किये थे और एक हजार प्रयास में वे सफलता पाये थे. क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक ने कहा कि आज का युग विज्ञान का युग है. हमारी संस्कृति परंपरा का संबंध विज्ञान से है. डॉ कमल किशोर ने कहा कि बच्चों के अंदर औसमिक उर्जा होता है. जिसका उपयोग अच्छे कार्यों में किया जाना चाहिए. डॉ अजय कुमार ने कहा कि आप क्यों, कब, कैसे, कहां आदि के प्रश्न का उत्तर का खोजें.
तभी वैज्ञानिक अवधारण विकसित होगी. इससे पूर्व विज्ञान मेला के उपादेयता पर प्रकाश डालते हुए प्रकाशचंद जायसवाल ने कहा कि विज्ञान मेला हमारी सोच का आधार है और इससे ज्ञान का अवसर उपर उठता है. विद्यालय के प्राचार्य नीरज कुमार कौशिक ने जहां आगत अतिथियों का स्वागत किया. वहीं निर्मल जालान ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि शिक्षा ऐसी हो जिससे बच्चे संस्कारवान बनें.
बच्चों ने दिखायी वैज्ञानिक क्षमता : बाल किशोर एवं तरुण वर्ग में वैदिक गणित, विज्ञान एवं संस्कृति ज्ञान, प्रश्नवाचन, प्रश्नमंच तथा विज्ञान प्रदर्श के माध्यम से बच्चों ने अपने प्रतिभा का परिचय दिया. संगणक में कंप्यूटर की भाषा, ऑपरेटिंग सिस्टम, सॉफ्टवेयर विकास पर बच्चों ने प्रदर्श का मूल्यांकन किया. विज्ञान प्रदर्श में संतुलित आहार, स्वच्छ परिवेश, फसल उत्पादन, जल प्रदूषण नियंत्रण, जीवों के जनन एवं संचलन, घरेलू जल के पुनरउपयोग, गंदे जल का शोधन,
कोयला का शोधन सहित विभिन्न विषयों पर बच्चों ने बेहतरीन वैज्ञानिक क्षमता का प्रदर्शन किया. कार्यक्रम का संचालन आचार्य अरुण कुमार ने किया. जबकि मौके पर कौशल किशोर पाठक, डॉ मंजु सिन्हा, अमरनाथ केशरी, प्राणमोहन केशरी मुख्य रूप से मौजूद थे.
विज्ञान मेला में मुंगेर, भागलपुर, पटना, नालंदा, रोहतास व भोजपुर के प्रतिभागियों ने लिया भाग
इस मेले में सभी िवभागों के कुल 900 प्रतिभागियों ने िलया िहस्सा
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