मोतिहारी: 350 करोड़ से बनेगा मदर डेयरी का नया प्लांट, 500 को रोजगार, 6500 गांवों में लगेंगे मिल्क कूलर
प्रस्तावित प्लांट के लिए स्थल का निरीक्षण करते अधिकारी व जनप्रतिनिधि | Prabhat Khabar Network
मोतिहारी में 350 करोड़ रुपये की लागत से 4.5 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता वाला मदर डेयरी का नया प्लांट स्थापित होगा. इससे प्रत्यक्ष रूप से 500 लोगों को रोजगार मिलेगा. साथ ही, 6500 गांवों में बल्क मिल्क कूलर लगाए जाएंगे.
मोतिहारी: इंजीनियरिंग कॉलेज मोतिहारी के पास फुरसत रोड में मदर डेयरी के नए प्लांट के लिए गुरुवार को अधिकारियों ने स्थल का निरीक्षण किया. स्थल चयन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद करीब 350 करोड़ रुपये की लागत से नए डेयरी प्लांट की स्थापना की प्रक्रिया शुरू होगी. प्रस्तावित प्लांट की क्षमता 4.50 लाख लीटर दूध प्रतिदिन होगी.
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स्थल निरीक्षण के दौरान नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (एनडीडीबी) के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक डॉ. मीनेष शाह, विभागीय सचिव शीर्षत कपिल अशोक, डीएम सौरभ सुमन यादव, अपर समाहर्ता मुकेश सिन्हा समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे. नगर विधायक प्रमोद कुमार भी मौके पर शामिल हुए.
350 करोड़ की लागत से बनेगा 4.5 लाख लीटर क्षमता का प्लांट
डॉ. मीनेष शाह ने बताया कि मदर डेयरी के विस्तार के तहत करीब 4.50 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता वाला नया प्लांट स्थापित किया जाएगा. इसके लिए करीब 350 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है.
प्लांट के शुरू होने के बाद करीब 500 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है. यहां मदर डेयरी के दूध, पनीर, दही, घी समेत अन्य उत्पादों का उत्पादन किया जाएगा. तैयार उत्पादों की आपूर्ति मोतिहारी समेत बिहार के अन्य जिलों में की जाएगी.
गुजरात के आनंद के बाद मोतिहारी बनेगा बड़ा डेयरी केंद्र : राधामोहन सिंह
पूर्व केंद्रीय मंत्री सह सांसद राधामोहन सिंह ने कहा कि गुजरात के आनंद के बाद मोतिहारी देश का दूसरा बड़ा डेयरी केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. उन्होंने बताया कि मदर डेयरी के विस्तार के लिए सरकार की ओर से 25 एकड़ जमीन उपलब्ध करायी जाएगी.
उन्होंने कहा कि डेयरी उद्योग का विस्तार चंपारण के साथ बिहार के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. वे तीन दिवसीय कृषि, पशुपालन एवं मत्स्यकीय उद्यमी उन्नति मेला के अंतिम दिन आयोजित पशुपालक एवं मत्स्य पालक, मधुमक्खी पालक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे.
किसानों की आय बढ़ाने पर पशुपालन और मत्स्य पालन पर जोर
सांसद ने कहा कि किसानों की समृद्धि केवल फसल उत्पादन से नहीं, बल्कि पशुपालन, मत्स्य पालन और बागवानी जैसे अतिरिक्त आय के स्रोतों से भी होगी.
उन्होंने बताया कि देश में 2014 में करीब 95 लाख मीट्रिक टन मछली का उत्पादन होता था, जो अब बढ़कर करीब 200 लाख मीट्रिक टन पहुंच गया है.
डॉ. मीनेष शाह ने बताया कि पूर्वी चंपारण में गायों की प्रजनन क्षमता बढ़ाने पर भी काम किया जाएगा. बिहार में करीब 30 हजार गायों को प्रजनन कार्यक्रम से जोड़ने की योजना है.
मोतिहारी में खुलेगा बिहार का दूसरा सीमेन सेंटर
पूर्णिया में स्थापित सीमेन सेंटर के बाद बिहार का दूसरा सीमेन सेंटर मोतिहारी में स्थापित किया जाएगा. इसके माध्यम से बेहतर नस्ल के पशुओं की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा.
किसानों को कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ अधिक संख्या में बछिया पैदा करने की दिशा में काम किया जाएगा. इससे पशुपालकों की आय बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है.
6500 गांवों में लगेंगे बल्क मिल्क कूलर
डेयरी क्षेत्र के विस्तार के साथ बिहार के करीब 6500 गांवों में समितियों के माध्यम से बल्क मिल्क कूलर स्थापित किए जाएंगे. इससे गांवों में दूध के संग्रहण और संरक्षण की व्यवस्था बेहतर होगी.
विभागीय सचिव शीर्षत कपिल अशोक ने बताया कि पीपराकोठी में फिश प्रोसेसिंग प्लांट की स्थापना की जाएगी. मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए मत्स्य समृद्धि क्लस्टर सेंटर भी स्थापित किया जाएगा.
कार्यक्रम में डेयरी के प्रबंध निदेशक जय तिवारी, विधायक कृष्णनंदन पासवान, प्रमोद कुमार, श्यामबाबू प्रसाद, अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मोइबुल हक, जिलाध्यक्ष पवन राज, उप मेयर डॉ. लालबाबू प्रसाद समेत अन्य लोग मौजूद रहे.
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