महोत्सव में “माझी रे” का मंचन, दर्शकों ने उठाया लूत्फ

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दशरथ माझी के जीवन पर आधारित राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त नाटक “माझी रे ” का सफल मंचन शनिवार की रात किया गया.

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सिकरहना. ढाका प्रखंड के विक्रमपुर भैरो स्थान के डमार दुर्गा पूजा महोत्सव में पहाड़ काटकर रास्ता बनाने वाले दशरथ माझी के जीवन पर आधारित राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त नाटक “माझी रे ” का सफल मंचन शनिवार की रात किया गया. डमार दुर्गापूजा महोत्सव में लोक कला रंग मधुबनी द्वारा की गई उक्त प्रस्तुति पंचम प्रकाश लिखित एवं रौशन कुमार द्वारा निर्देशित नाटक में दशरथ माझी की भूमिका मे स्वयं निर्देशक रौशन कुमार ने किरदार को जीवंत कर दिया. इस नाटक में फगुनिया जो दशरथ की पत्नी है रोज अपने पति को खाना खिलाने के लिए पहाड़ पर चढ़ कर जाती है, लेकिन एक दिन अचानक पैर फिसल जाता है जिससे फगुनिया का देहांत हो जाता है .पत्नी के मृत्यु के उपरांत दसरथ माझी ने पहाड़ को पागलों की तरह छेनी हाथोंड़ा से काटने लगे. सभी परेशानियों को झेलते हुए अपने मुकाम को मुकमल करता है. पत्नी के प्रेम मे पहाड़ का सीना चीर कर रास्ता बना डालता है. वहीं, दूसरा नाटक प्रवीण कुमार द्वारा निर्देशित “बनारस का पंडित “, और तीसरा नाटक रौशन कुमार द्वारा निर्देशित डोमकच्छ का भी बेहतरीन मंचन हुआ. इस अवसर डमार दुर्गा पूजा महोत्सव के अध्यक्ष सह कार्यक्रम संयोजक सिकंदर ए आज़म ने बताया कि यह डमार दुर्गा पूजा महोत्सव में प्रत्येक वर्ष देश विदेश के नृत्य, नाट्य एवं अन्य कार्यक्रम होगा.

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