Nepal Flood: गंडक में बढ़ सकता है पानी, DM ने चार अंचलों में जारी किया अलर्ट
प्रेसवार्ता करते डीएम सौरभ सुमन यादव
गंडक नदी में जलस्तर बढ़ने की आशंका के चलते मोतिहारी के चार अंचलों में हाई अलर्ट जारी किया गया है. प्रशासन ने लोगों से ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की है और NDRF/SDRF की टीमें तैनात कर दी गई हैं.
Motihari News: मोतिहारी. वाल्मीकिनगर बैराज से अधिक मात्रा में पानी छोड़े जाने और नेपाल से होकर आने वाले नदियों के पानी के कारण गंडक नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि की आशंका है. जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने कहा कि फिलहाल पैनिक की स्थिति नहीं है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है. गुरुवार शाम तक नेपाल से होकर बहने वाले नदियों का पानी पहुंचने की संभावना को देखते हुए निचले इलाकों और बांध के आसपास रहने वाले लोगों को ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दी गयी है.
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चार अंचलों में जारी किया गया अलर्ट
डीएम ने बताया कि गंडक नदी से जुड़े अरेराज, संग्रामपुर, केसरिया और पहाड़पुर अंचल के लिए अलर्ट जारी कर दिया गया है. आपदा प्रबंधन शाखा, बाढ़ प्रमंडल मोतिहारी और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं.
प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.
गंडक तटबंधों पर 24 घंटे निगरानी
डीएम ने बताया कि गंडक तटबंध की निगरानी बढ़ा दी गयी है. पूरे 24 घंटे चौकसी बरती जा रही है. निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जागरूक और सचेत करने के लिए माइकिंग करायी जा रही है.
प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और अधिकारियों की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है.
संग्रामपुर, अरेराज और पहाड़पुर में NDRF तैनात
संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए संग्रामपुर, अरेराज और पहाड़पुर में NDRF की टीमें तैनात कर दी गयी हैं. केसरिया में SDRF की टीम को लगाया गया है.
टीमों को लगातार पेट्रोलिंग करने का निर्देश दिया गया है. इसके साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए नावों की व्यवस्था पूरी कर ली गयी है.
आश्रय स्थल सत्यापित, मेडिकल टीमें तैयार
प्रशासन ने संभावित बाढ़ को देखते हुए आश्रय स्थलों का सत्यापन कर लिया है. सिविल सर्जन और जिला पशुपालन पदाधिकारी को जरूरी दवाओं के साथ मेडिकल टीमों को तैयार रखने तथा चिन्हित स्थानों पर प्रतिनियुक्त करने का निर्देश दिया गया है.
जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी की गयी है.
स्थानीय जनप्रतिनिधियों से लिया जा रहा सहयोग
संबंधित प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारियों को स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ ग्रामीण स्तर पर बैठक करने का निर्देश दिया गया है. इसका उद्देश्य संवेदनशील क्षेत्रों के लोगों को समय रहते संभावित स्थिति के प्रति जागरूक करना है.
पुछड़िया और डुमरियाघाट का डीएम ने किया निरीक्षण
डीएम सौरभ सुमन यादव ने संग्रामपुर के पुछड़िया और डुमरियाघाट का स्थल निरीक्षण किया. इस दौरान बाढ़ प्रमंडल मोतिहारी के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि गंडक तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है.
डीएम ने अधिकारियों को तटबंधों की लगातार निगरानी रखने और किसी भी संभावित स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
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