मोतिहारी के स्कूलों में अब बच्चों के साथ पंगत में बैठकर भोजन करेंगे अधिकारी, DM ने दिए सख्त निर्देश

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समीक्षा बैठक में उपस्थित डीएम व अन्य अधिकारीगण

मोतिहारी जिले के सरकारी स्कूलों में मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता, मात्रा और स्वच्छता को लेकर प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं. जिलाधिकारी ने अधिकारियों को बच्चों के साथ बैठकर भोजन करने और रसोईघर की बारीकी से जांच करने का निर्देश दिया है.

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Motihari News: मोतिहारी. जिले के सरकारी विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन की मात्रा, गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है. जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने सभी बीईओ को प्रत्येक कार्य दिवस में विद्यालयों का औचक निरीक्षण करने का निर्देश दिया है. निरीक्षण के दौरान मध्यान्ह भोजन की अवधि को प्राथमिकता देने और अधिकारियों को बच्चों के साथ पंगत में बैठकर स्वयं भी भोजन करने को कहा गया है.

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बच्चों के साथ बैठकर भोजन करेंगे अधिकारी

डॉ. राधाकृष्णन सभागार में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि मध्यान्ह भोजन की मात्रा, गुणवत्ता और स्वच्छता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा.

उन्होंने सभी बीईओ को मध्यान्ह भोजन ग्रहण करते हुए अपना फोटो संबंधित वाट्सएप ग्रुप में भेजने का निर्देश दिया. जिलाधिकारी ने कहा कि वह स्वयं भी इसकी निगरानी करेंगे. उप विकास आयुक्त डॉ. प्रदीप कुमार भी समय-समय पर विद्यालयों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जांच करेंगे.

रसोईघर से लेकर स्कूल परिसर तक होगी जांच

विद्यालय निरीक्षण के दौरान परिसर की साफ-सफाई और रसोईघर की व्यवस्था की भी जांच करने का निर्देश दिया गया है. रसोईघर पूरी तरह स्वच्छ रखने और वहां अनावश्यक सामग्री नहीं रखने को कहा गया है.

रसोईघर की खिड़कियों में जल्द से जल्द जाली लगाने का भी निर्देश दिया गया है, ताकि स्वच्छता व्यवस्था बेहतर बनी रहे.

सात प्रखंडों में एजेंसी दे रही मध्यान्ह भोजन

बैठक में बताया गया कि जिले के सात प्रखंडों में एजेंसी के माध्यम से मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है.

जिलाधिकारी ने कहा कि भोजन की गुणवत्ता और सेवा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. शिकायत मिलने पर संबंधित एजेंसी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी.

नामांकन और शिक्षकों की उपस्थिति भी जांचेंगे अधिकारी

विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान नामांकन की स्थिति, नामांकन के अनुपात में बच्चों की वास्तविक उपस्थिति, शिक्षकों की उपस्थिति और उपलब्ध आधारभूत संरचना की भी जांच होगी.

विद्यालय में किसी प्रकार की समस्या मिलने पर उसका नोट तैयार कर जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय को प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है.

सिविल वर्क की रोजाना होगी निगरानी

जिन विद्यालयों में सिविल वर्क चल रहा है या स्वीकृति मिलने के बावजूद काम शुरू नहीं हुआ है, वहां बीईओ को कनीय अभियंता के साथ जांच करने को कहा गया है.

जिलाधिकारी ने स्कूलवार सिविल वर्क और उसकी प्रगति की जानकारी दर्ज करने के लिए गूगल शीट तैयार करने का निर्देश दिया है. इसमें प्रतिदिन कार्य की प्रगति अपडेट की जाएगी.

33 मॉडल स्कूलों में चल रही लाइव क्लास

जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बैठक में बताया कि जिले के सभी 33 सरस्वती विद्या निकेतन यानी मॉडल स्कूलों में लाइव क्लास संचालित की जा रही है.

इसके अलावा बीएसईबी पटना द्वारा विकसित मोबाइल एप ‘विद्या साथी’ के माध्यम से विद्यार्थी 24 घंटे अध्ययन कर सकते हैं. विद्यार्थी इस एप के जरिये शिक्षकों से अपनी समस्याओं और प्रश्नों का समाधान भी प्राप्त कर सकते हैं.

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