Madhubani: अब बिना ID कार्ड सरकारी काम करना पड़ेगा भारी, डीएम ने जारी किया सख्त आदेश

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प्रतीकात्मक तस्वीर

जिले के सरकारी कार्यालयों में कार्यरत कर्मियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने ID कार्ड अनिवार्य कर दिया है. DM आनंद शर्मा के निर्देशानुसार, सभी कर्मियों को ड्यूटी के दौरान वैध ID कार्ड दिखाना होगा. यह कदम सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने में मदद करेगा.

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Madhubani News: जिले के विभिन्न सरकारी कार्यालयों में कार्यरत कर्मियों की स्पष्ट पहचान सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है. डीएम आनंद शर्मा ने सभी कार्यालयाध्यक्षों और नियंत्रक पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि कार्यालय अवधि के दौरान प्रत्येक सरकारी कर्मी के लिए वैध और अद्यतन आईडी कार्ड धारण करना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए. यह व्यवस्था कार्यालय के साथ-साथ क्षेत्र भ्रमण और अन्य सरकारी कार्यों के दौरान भी लागू रहेगी.

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कार्यालय से बाहर भी दिखाना होगा ID कार्ड

जिला प्रशासन के निर्देश के अनुसार, सरकारी कर्मियों को ड्यूटी के दौरान अपना पहचान-पत्र इस तरह प्रदर्शित करना होगा, जिससे आम नागरिक और अन्य लोग उनकी पहचान आसानी से कर सकें.

क्षेत्र भ्रमण, निरीक्षण, बैठक, शिविर, जन-सुनवाई अथवा किसी अन्य सरकारी दायित्व के निर्वहन के दौरान भी कर्मियों को अपना अधिकृत पहचान-पत्र साथ रखना और जरूरत पड़ने पर प्रदर्शित करना होगा.

ID कार्ड नहीं होने पर होगी कार्रवाई

डीएम ने सभी कार्यालयाध्यक्षों और नियंत्रक पदाधिकारियों को अपने अधीनस्थ कर्मियों को आदेश की जानकारी देने का निर्देश दिया है. साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि सभी कर्मियों के पास वैध और स्पष्ट रूप से प्रदर्शित होने वाला पहचान-पत्र हो.

जिन कर्मियों का आईडी कार्ड अभी तक जारी नहीं हुआ है या जिनके पहचान-पत्र के नवीकरण अथवा प्रतिस्थापन की जरूरत है, उनके लिए संबंधित कार्यालय को नियमानुसार कार्रवाई कर जल्द नया या अद्यतन कार्ड उपलब्ध कराने को कहा गया है.

कार्यालयाध्यक्ष करेंगे नियमित निगरानी

आदेश में कार्यालयाध्यक्षों और नियंत्रक पदाधिकारियों को कर्मियों के पहचान-पत्र की वैधता और उसे सही तरीके से प्रदर्शित करने की नियमित निगरानी करने को कहा गया है.

यदि कोई कर्मी बिना पहचान-पत्र के कार्यालयी कार्य करता पाया जाता है, तो संबंधित कार्यालयाध्यक्ष को मामले की समीक्षा कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करनी होगी. आदेश के अनुपालन में अनावश्यक शिथिलता बरतने पर संबंधित नियंत्रक पदाधिकारी की जवाबदेही भी तय की जा सकती है.

फर्जी सरकारी कर्मियों पर भी लगेगा अंकुश

जिला प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था से आम लोगों को सरकारी कर्मियों की पहचान करने में आसानी होगी. खासकर क्षेत्र भ्रमण, जांच, निरीक्षण, शिविर और जन-सुनवाई के दौरान यह पता लगाना आसान होगा कि सामने मौजूद व्यक्ति संबंधित विभाग का अधिकृत कर्मी है या नहीं.

प्रशासन की इस पहल से सरकारी कामकाज में पारदर्शिता, अनुशासन और जवाबदेही बढ़ने के साथ फर्जी सरकारी कर्मियों पर भी अंकुश लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है.

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