मधुबनी में 1 सितंबर से घर-घर पहुंचेगी स्वास्थ्य विभाग की टीम, गंभीर बीमारियों की होगी मुफ्त जांच

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सिविल सर्जन डॉ हरेंद्र कुमार

मधुबनी में 1 सितंबर से 'जांच, इलाज एवं चिकित्सा आपके द्वार' महा-अभियान शुरू हो रहा है. यह अभियान 30 नवंबर तक चलेगा, जिसमें स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग करेंगी.

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Madhubani News: मधुबनी. जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को घर-घर तक पहुंचाने के लिए आगामी 1 सितंबर से "जांच, इलाज एवं चिकित्सा आपके द्वार" महा-अभियान शुरू होगा. 30 नवंबर तक चलने वाले इस तीन महीने के अभियान में स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग करेंगी. चिन्हित मरीजों को जरूरी जांच, उपचार और दवाओं की सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है.

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1 सितंबर से 30 नवंबर तक चलेगा अभियान

राज्य स्वास्थ्य समिति के निर्देश पर शुरू होने वाले इस अभियान का उद्देश्य गंभीर बीमारियों की शुरुआती स्तर पर पहचान करना है. सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने जिलेवासियों से अपील की है कि आशा कार्यकर्ता के घर पहुंचने पर स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी दें और निःशुल्क जांच एवं उपचार की सुविधा का लाभ उठाएं.

डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर की होगी स्क्रीनिंग

अभियान के दौरान मधुमेह और उच्च रक्तचाप की जांच पर विशेष फोकस रहेगा. इसके साथ हृदय रोग, फैटी लीवर और सांस से जुड़ी गंभीर बीमारियों की भी पहचान की जाएगी. समय पर स्क्रीनिंग होने से संदिग्ध मरीजों को आगे की जांच और उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्र से जोड़ा जाएगा.

मुंह, स्तन और गर्भाशय के मुख के कैंसर की जांच

अभियान में तीन प्रमुख कैंसर की स्क्रीनिंग भी की जाएगी. इनमें मुंह का कैंसर, स्तन कैंसर और गर्भाशय के मुख का कैंसर शामिल है. स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य शुरुआती लक्षणों की पहचान कर मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराना है.

CBC से बायोप्सी तक जांच की सुविधा

चिन्हित मरीजों के लिए कई महत्वपूर्ण जांचें निःशुल्क उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है. इनमें सीबीसी, एचबी1सी, लिपिड प्रोफाइल, किडनी फंक्शन और लीवर फंक्शन टेस्ट शामिल हैं.

विशेष जांच के तहत ईसीजी, पैप स्मीयर, बायोप्सी, थायराइड प्रोफाइल यानी टी-3, टी-4, टीएसएच तथा विटामिन डी3 और बी12 की जांच भी शामिल है.

आशा कार्यकर्ता घर-घर तैयार करेंगी फैमिली फोल्डर

अभियान की जमीनी जिम्मेदारी आशा कार्यकर्ताओं को दी गई है. वे अपने-अपने क्षेत्र में घर-घर जाकर परिवारों की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी जुटाएंगी और फैमिली फोल्डर तैयार करेंगी.

मरीजों का डेटा मोबाइल ऐप के माध्यम से राष्ट्रीय एनसीडी पोर्टल पर रियल-टाइम अपलोड किया जाएगा. इससे मरीजों की आगे ट्रैकिंग और जरूरत के अनुसार दवा एवं उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी.

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