अस्पताल में जीवन रक्षक दवा की कमी
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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सांप व कुत्ता काटने की दवा नहीं रहने से मरीज को होती परेशानी मधुबनी : सदर अस्पताल में जीवन रक्षक दवाओं की कमी है. इस कारण प्रतिदिन सैकड़ों मरीज को अस्पताल के बाहर दुकानों से दवा खरीदनी पड़ रही है. बरसात के मौसम में सांप काटने के मरीजों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई. ऐसे […]
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सांप व कुत्ता काटने की दवा नहीं रहने से मरीज को होती परेशानी
मधुबनी : सदर अस्पताल में जीवन रक्षक दवाओं की कमी है. इस कारण प्रतिदिन सैकड़ों मरीज को अस्पताल के बाहर दुकानों से दवा खरीदनी पड़ रही है. बरसात के मौसम में सांप काटने के मरीजों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई. ऐसे मरीज जब सदर अस्पताल में इलाज कराने पहुंचते हैं तो उन्हें सांप काटने की दवा एएसवीएस वैक्सीन उपलब्ध नहीं रहने के कारण डीएमसीएच दरभंगा रेफर कर दिया जाता है. यही हाल कुत्ता काटने की एआरवी का है. कुत्ता काटने की दवा एआरवी की भी अस्पतालों में उपलब्ध नहीं हैं.
कई महत्वपूर्ण दवा भी उपलब्ध नहीं
सदर अस्पताल के ओपीडी में 33 प्रकार की दवा का वितरण मुफ्त में रोगियों को किया जाता है, लेकिन इन दिनों कई महत्वपूर्ण दवा का अभाव है. इनमें बुखार की दवा पैरासिटामोल, डायबिटीज की दवा मेटफार्मिन, ब्लड प्रेसर की दवा एमलोडीपीन, एनारिल, एटेन पेट दर्द की दवा डाइसाइक्लोमिन, खांसी की कफ सिरप, दर्द की डायक्लोफेलिक जेल, गर्भवती महिलाओं के लिए कैल्सियम की गोली सहित अन्य कई दवाएं उपलब्ध नहीं है.
एक हजार मरीज को मिलती है दवाई
सदर अस्पताल के ओपीडी प्रतिदिन आठ सौ से हजार मरीज को दवा उपलब्ध करायी जाती है.ओपीडी के फार्मासिस्ट जय प्रकाश कुमार ने बताया कि ओपीडी में नये व पुराने मरीज को मिलाकर प्रतिदिन लगभग एक हजार मरीज यहां इलाज के लिए पहुंचते हैं. जो दवा उपलब्ध है वह दवा मरीज में वितरित की जाती है. कई ऐसी दवा है जो ओपीडी मेडिकल स्टोर में उपलब्ध नहीं हैं. उन दवाओं को मरीज को बाहर से खरीदना पड़ता है.
कुत्ता, सांप काटने की दवा उपलब्ध नहीं
सबसे अधिक परेशानी उन मरीजों को हो रही है जिसे कुत्ता काटे हुए है. ऐसे मरीज को डोज के हिसाब से पहला, तीसरा, सातवें, चौदवें एवं तीसवें दिन सूई देनी पड़ती है. अस्पताल में दवा उपलब्ध नहीं रहने से इन मरीजों को बाहर से सूई खरीदना पड़ रही है. सांप काटने की वैक्सीन नहीं रहने के कारण दूर दराज से आने वाले मरीज को डीएमसीएच भेजा जा रहा है. ऐसे मरीज को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
क्या कहते हैं अधिकारी
सिविल सजर्न डॉ ओम प्रकाश प्रसाद ने कहा कि राज्य स्वास्थ्य समिति के अधिकृत दवा सप्लायर बीएम एसआइसीएल मुजफ्फरपुर की ओर से मांग के अनुरूप दवा की सप्लाई नहीं किये जाने के कारण परेशानी हो रही है. जीवन रक्षक दवा एएसभीएस वैक्सीन के बारे में सीएस ने बताया कि वीडियो कांफ्रेंसिंग में स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को भी इसकी जानकारी दी गयी, लेकिन दवा की उपलब्धता अभी तक नहीं हो पायी है.
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