तस्करों को सफेदपोश का संरक्षण
मधुबनीः भारत नेपाल सीमा क्षेत्र के इस जिले में सड़क मार्ग पर पुलिस व अन्य सुरक्षा एजेंसी के बढ़ते दबाव के कारण तस्करों ने रेल का आवागमन के लिए सबसे सुलभ माना है. जयनगर से दरभंगा, सकरी से निर्मली एवं लौकहा से झंझारपुर रेल खंड पर इन तस्करों की जबरदस्त पकड़ है जो लगातार बढ़ता […]
मधुबनीः भारत नेपाल सीमा क्षेत्र के इस जिले में सड़क मार्ग पर पुलिस व अन्य सुरक्षा एजेंसी के बढ़ते दबाव के कारण तस्करों ने रेल का आवागमन के लिए सबसे सुलभ माना है. जयनगर से दरभंगा, सकरी से निर्मली एवं लौकहा से झंझारपुर रेल खंड पर इन तस्करों की जबरदस्त पकड़ है जो लगातार बढ़ता ही जा रही है.
खुफिया सूत्रों की मानें तो इन तीनों रेल खंड पर हर माह 20 करोड़ से अधिक के सामान की तस्करी हो रही है. इसमें मादक पदार्थ, इलेक्ट्रॉनिक गुड्स, हथियार सुपारी व अन्य सामान शामिल है. दरअसल जीआरपी एवं आरपीएफ के बीच सुरक्षा की सारी कवायद सिमट कर रह गयी है. दोनों के बीच गहराते विवाद ने इन तस्करों को अपने धंधे बढ़ाने के लिए माकूल स्पेस दे रखा है. इन दोनों विंग में बल की कमी का तो ये तस्कर जबरदस्त लाभ उठा रहे हैं. विभागीय आंकड़ों के मुताबिक इन तीनों रेल खंड में महज 21 आरपीएफ एवं 18 जीआरपी है. जो जरूरत के हिसाब से काफी कम है. पिछले सप्ताह नगर थाना अध्यक्ष कुमार कीर्ति ने अपने योगदान के साथ ही रेल तस्करी के इस नेटवर्क पर हमले बोल दिया. जयनगर रांची एक्सप्रेस से लगभग 3 लाख के ले जाये जा रहे सुपारी एवं इलायची को पुलिस जब्त कर ली.
रेल से होने वाली तस्करी का खुलासा लगभग 35 लाख के जब्त मादक पदार्थ से हो चुका है. अपराधी को रेलवे स्टेशन के पास के कॉलोनी से दबोचा गया जिसने रेलवे को आवागमन बनाने की बात स्वीकार की थी. रेल प्रशासन इस तरह के धंधे पर क्यों चुप्पी साध रखी है. आखिर कार सिविल प्रशासन द्वारा गाहे बगाहे की गयी छापेमारी में उजागर होने वाले मामले की भनक रेल प्रशासन को क्यों नहीं मिल पाती है.
मधुबनी स्टेशन की हालत तो और अधिक खराब है. जिला मुख्यालय एवं ए ग्रेड के दर्जा प्राप्त होने के बावजूद स्टेशन पर आरपीएफ का बैरक पूरी तरह से बंद रहता है. जो वर्षो से बंद है. वहीं आरपीएफ में केवल दो बल है. इस रेल खंडों में बल की कमी के कारण समुचित गश्त न हो पाने के कारण यात्रियों को सुरक्षा कारणों से हमेशा परेशानी उठानी पड़ती है. खासकर अकेली महिला के लिए शाम या रात का सफर खतरे से खाली नहीं रहता है. दर्ज मामले की माने तो इस रेल खंड के स्टेशन एवं ट्रेन में छीना छपटी, पॉकेटमारी, छेड़खानी एवं अन्य आपराधिक मामले में औसतन 21 मामले दर्ज कराये जाते हैं. सीनियर डीसीएम सह प्रवक्ता एमए हुमायूं ने बताया कि सुरक्षा की समीक्षा लगातार की जा रही है. अपराधियों से निबटने के लिए विशेष योजना तैयार की गयी है. गश्त बढ़ाने का भी फैसला लिया गया है. इस माह, बड़ी कार्रवाई करने की योजना बनी है.
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