मधेपुरा में 14 सितंबर से गणेश महोत्सव, 90 फीट ऊंचा भव्य पंडाल बनेगा आकर्षण का केंद्र

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बन कर तैयार हो रहा भव्य पंडाल | Prabhat Khabar Network

मधेपुरा में 14 सितंबर से 12 दिवसीय गणेश महोत्सव का आगाज़ हो रहा है. इस वर्ष 90 फीट ऊंचे भव्य पंडाल के साथ 56 भोग, रामलीला और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा. महोत्सव का समापन 25 सितंबर को भव्य विसर्जन शोभायात्रा के साथ होगा.

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सिंहेश्वर (मधेपुरा). आस्था और उल्लास के बीच इस वर्ष मधेपुरा में गणेश महोत्सव की तैयारियां जोर पकड़ चुकी हैं. 14 सितंबर से 25 सितंबर 2026 तक चलने वाले 12 दिवसीय महोत्सव में 90 फीट ऊंचा भव्य पंडाल श्रद्धालुओं के आकर्षण का मुख्य केंद्र रहेगा. आयोजन समिति की ओर से पूजा, आरती, 56 भोग, महाप्रसाद, रामलीला और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की व्यापक तैयारी की जा रही है. महोत्सव के समापन पर बप्पा की नगर भ्रमण यात्रा और विसर्जन शोभायात्रा निकाली जाएगी.

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बंगाल के कारीगर तैयार कर रहे 90 फीट ऊंचा पंडाल

पंडाल की भव्यता को लेकर गणेश पूजा समिति ने पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के रायगंज निवासी प्रसिद्ध कारीगर जोगेन बरमन को जिम्मेदारी सौंपी है. पंडाल का टेंट कार्य गणपति टेंट हाउस, मधेपुरा की ओर से किया जा रहा है.

समिति के उप कोषाध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि इस बार पंडाल की सजावट ऐसी होगी कि श्रद्धालुओं को मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर जैसी अनुभूति होगी. पंडाल को भव्य रूप देने के लिए कारीगर दिन-रात काम कर रहे हैं.

14 सितंबर की रात होगी बप्पा की प्राण प्रतिष्ठा

महोत्सव की शुरुआत 14 सितंबर सोमवार की रात बप्पा की प्राण प्रतिष्ठा के साथ होगी. इसके अगले दिन 15 सितंबर मंगलवार को प्रथम पूजा का आयोजन किया जाएगा. महोत्सव के दौरान प्रत्येक दिन शाम साढ़े सात बजे भव्य आरती होगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है.

24 सितंबर को 56 भोग और महाप्रसाद

गणेश महोत्सव के दौरान 24 सितंबर गुरुवार की रात 56 भोग और महाप्रसाद का आयोजन किया जाएगा. आयोजन समिति के अनुसार दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष भंडारे की व्यवस्था भी की जाएगी. इस दौरान बड़ी संख्या में भक्तों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए आयोजन स्थल पर आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं.

नगर भ्रमण के साथ 25 सितंबर को होगा विसर्जन

12 दिवसीय महोत्सव का समापन 25 सितंबर की शाम बप्पा की नगर भ्रमण यात्रा और विसर्जन के साथ होगा. विसर्जन यात्रा में बैंड और विभिन्न झांकियां मुख्य आकर्षण रहेंगी. आयोजन समिति की ओर से शोभायात्रा को लेकर भी तैयारियां शुरू कर दी गयी हैं.

रामलीला और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सजेगी महोत्सव की शाम

धार्मिक आयोजनों के साथ महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन होगा. 14 सितंबर से 23 सितंबर तक प्रत्येक रात आठ बजे से मधुबनी के प्रसिद्ध कलाकार ललित नारायण यादव के निर्देशन में रामलीला का मंचन किया जाएगा. वहीं, दोपहर तीन बजे से शाम छह बजे तक स्कूली बच्चों की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये जाएंगे. इनमें नृत्य, नाटक और देशभक्ति गीतों की प्रस्तुतियां शामिल रहेंगी.

सीसीटीवी और पुलिस बल की रहेगी तैनाती

महोत्सव को लेकर प्रशासन से अनुमति ले ली गयी है. श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए आयोजन स्थल पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. सुरक्षा व्यवस्था के लिए स्वयंसेवकों के साथ पुलिस बल की तैनाती भी की जाएगी. पंडाल में श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित रखने के लिए अलग-अलग प्रवेश और निकास द्वार बनाए जाएंगे. आयोजकों ने श्रद्धालुओं से परिवार के साथ महोत्सव में पहुंचकर बप्पा का आशीर्वाद लेने और आयोजन को सफल बनाने की अपील की है.

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