मधेपुरा: डीएम ने डॉ. भीमराव अंबेडकर कल्याण छात्रावास का किया औचक निरीक्षण, छात्रों से सीधा संवाद कर परखीं सुविधाएं
निरीक्षण करते डीएम | Prabhat Khabar Network
मधेपुरा के डीएम ने डॉ. अंबेडकर कल्याण छात्रावासों का औचक निरीक्षण कर छात्र सुविधाओं, भोजन गुणवत्ता और सुरक्षा का जायजा लिया. छात्रों की समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए.
जिलाधिकारी मधेपुरा ने छात्र कल्याण और बुनियादी सुविधाओं की जमीनी हकीकत जानने के उद्देश्य से डॉ. भीमराव अंबेडकर कल्याण छात्रावास-1 एवं कल्याण छात्रावास-2 का औचक निरीक्षण किया. इस औचक निरीक्षण का मुख्य ध्येय छात्रावासों में रहकर अध्ययन कर रहे विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, सुरक्षा और रहन-सहन की व्यवस्थाओं का मौके पर जायजा लेना तथा छात्रों की समस्याओं का त्वरित संज्ञान लेकर समाधान सुनिश्चित करना था.
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने छात्रावास में आवासित विद्यार्थियों से सीधा और आत्मीय संवाद स्थापित किया. उन्होंने छात्रों से उनकी दिनचर्या, पठन-पाठन, आवास संबंधी आवश्यकताओं और समस्याओं के बारे में विस्तार से पूछा एवं उनके सुझाव भी लिए.
रसोईघर और भोजन की गुणवत्ता की गहन पड़ताल
जिलाधिकारी ने छात्रावास परिसर के रसोईघर का बारीकी से निरीक्षण किया. उन्होंने पके हुए भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और अनाज के रख-रखाव को देखा. साथ ही छात्रों से पूछताछ की कि क्या उन्हें प्रतिदिन निर्धारित मेनू के अनुसार और समय पर भोजन मिल रहा है या नहीं.
उन्होंने छात्रावास अधीक्षक को स्पष्ट निर्देश दिए कि:
- निर्धारित मेनू चार्ट का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित हो.
- छात्रों को हर दिन ताजा, पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन परोसा जाए.
- रसोई और मेस एरिया में हाइजीन (स्वच्छता) के मानकों से कोई समझौता न हो.
पेयजल, शौचालय और पठन-पाठन कक्ष की व्यवस्था परखी
दौरे के क्रम में डीएम ने छात्रावास के अध्ययन कक्ष (रीडिंग रूम), विद्युत आपूर्ति व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल के संयंत्रों, शौचालयों और सुरक्षा व्यवस्था का कोना-कोना देखा. उन्होंने अधीक्षक को नियमित रूप से शौचालयों व पूरे परिसर की समुचित सफाई कराने और 24 घंटे निर्बाध स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए.
"छात्रावास केवल आवास नहीं, बेहतर भविष्य निर्माण का आधार" — जिलाधिकारी
छात्रों को प्रेरित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि छात्रावास केवल रहने की जगह नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों के सर्वांगीण शैक्षणिक विकास, अनुशासन और एक उज्ज्वल भविष्य निर्माण की मजबूत आधारशिला है. इसलिए छात्रावासों में भयमुक्त, सुरक्षित, स्वच्छ और अध्ययन के अनुकूल वातावरण बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है.
उन्होंने छात्रावास प्रबंधन और अधीक्षक को सख्त हिदायत दी कि छात्रों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और उनकी जायज मांगों व जरूरतों के प्रति संवेदनशील रहते हुए तत्परता से प्रशासनिक कार्रवाई की जाए.
इस औचक निरीक्षण के दौरान जिला कल्याण पदाधिकारी (DWMO) सहित छात्रावास से जुड़े अन्य संबंधित पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे.
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