बीएनएमयू में परमहंस लक्ष्मीनाथ गोसाईं चेयर के 9 आजीवन सदस्य अधिसूचित, बनगांव के इन लोगों को मिली जिम्मेदारी
फोटो- मधेपुरा 52- परमहंस लक्ष्मीनाथ गोसाईं | Prabhat Khabar Network
बीएनएमयू ने परमहंस लक्ष्मीनाथ गोसाईं चेयर के 9 आजीवन सदस्यों की अधिसूचना जारी की है. सहरसा के शिक्षाविद और गणमान्य लोग बने सदस्य.
Madhapura News: मधेपुरा. भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय (बीएनएमयू), मधेपुरा ने परमहंस लक्ष्मीनाथ गोसाईं चेयर के नौ आजीवन सदस्यों को अधिसूचित किया है. विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वीएस झा की मंजूरी के बाद कुलसचिव ने 27 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी की. इसमें सहरसा जिले के बनगांव और आसपास के क्षेत्रों से जुड़े शिक्षाविदों और अन्य गणमान्य लोगों को आजीवन सदस्य बनाया गया है.
विश्वविद्यालय के अनुसार, यह निर्णय परमहंस लक्ष्मीनाथ गोसाईं चेयर के उपनियमों में निर्धारित प्रावधानों के तहत लिया गया है. अधिसूचना जारी होने के साथ ही सदस्यता संबंधी औपचारिक प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है. अब इस चेयर से जुड़ी गतिविधियों में इन सदस्यों की भूमिका और आगे की कार्ययोजना पर नजर रहेगी.
कुलपति की मंजूरी के बाद जारी हुई अधिसूचना
बीएनएमयू प्रशासन की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, कुलपति प्रो. वीएस झा ने नौ लोगों को आजीवन सदस्य बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी. इसके बाद कुलसचिव ने 27 अक्टूबर 2026 को अधिसूचना जारी कर निर्णय को औपचारिक रूप दिया.
इसमें स्पष्ट किया गया है कि सभी सदस्यों की नियुक्ति चेयर के उपनियमों के प्रावधानों के अनुरूप की गयी है. निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने अधिसूचना की प्रतिलिपि संबंधित व्यक्तियों के साथ-साथ विश्वविद्यालय के संबंधित पदाधिकारियों, प्रशासन और कोषांग को भी भेजी है.
इन नौ लोगों को बनाया गया आजीवन सदस्य
परमहंस लक्ष्मीनाथ गोसाईं चेयर के आजीवन सदस्य के रूप में प्रो. (डॉ.) अरुण कुमार खां, डॉ. फुलकांत झा, उदय शंकर झा, काली कान्त झा, डॉ. भवानंद मिश्र, डॉ. रविशंकर झा, रेनु ज्योति, विवेक विशाल और धनंजय कुमार झा को अधिसूचित किया गया है.
अधिसूचना में बताया गया है कि इन सभी का संबंध सहरसा जिले के बनगांव और आसपास के क्षेत्रों से है. इनमें शिक्षाविदों के साथ समाज के अन्य गणमान्य लोग भी शामिल हैं. विश्वविद्यालय ने सभी संबंधित लोगों तक निर्णय की आधिकारिक जानकारी पहुंचाने के लिए अधिसूचना की प्रतियां भेजी हैं.
परमहंस लक्ष्मीनाथ गोसाईं चेयर के लिए क्या है महत्व?
विश्वविद्यालय के अंतर्गत किसी चेयर की स्थापना का उद्देश्य उससे संबंधित व्यक्तित्व, विचार, साहित्य, संस्कृति या ज्ञान परंपरा के अध्ययन और उससे जुड़ी गतिविधियों को संस्थागत आधार देना हो सकता है. परमहंस लक्ष्मीनाथ गोसाईं चेयर की सदस्यता व्यवस्था को लेकर जारी यह अधिसूचना विश्वविद्यालय के स्तर पर एक औपचारिक कदम है.
हालांकि, जारी सूचना में आजीवन सदस्यों की विशिष्ट जिम्मेदारियों, चेयर की आगामी गतिविधियों, शोध योजनाओं या कार्यक्रमों का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया है. इसलिए इन सदस्यों की भूमिका और भविष्य की कार्ययोजना के संबंध में अतिरिक्त जानकारी उपलब्ध होने पर ही आगे की गतिविधियों की स्पष्ट तस्वीर सामने आयेगी.
Madhapura News: विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबंधित शाखाओं को भेजी सूचना
कुलसचिव के हस्ताक्षर से जारी अधिसूचना की प्रतिलिपि संबंधित सदस्यों, पदाधिकारियों और विश्वविद्यालय की संबंधित शाखाओं को भेजी गयी है. इससे सदस्यता से जुड़े निर्णय की आधिकारिक जानकारी विश्वविद्यालय के संबंधित विभागों तक पहुंचायी गयी है.
फिलहाल इस अधिसूचना के माध्यम से नौ लोगों की आजीवन सदस्यता को औपचारिक मंजूरी मिल गयी है. आगे चेयर की गतिविधियों, कार्यक्रमों और सदस्यों की भूमिका से संबंधित जानकारी विश्वविद्यालय की ओर से जारी होने वाले निर्देशों पर निर्भर करेगी.
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