बाल विवाह समाज व राष्ट्र दोनों के विकास में बाधक: मृणाल रंजन

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महिला एवं बाल विकास निगम के तत्वाधान में आत्मरक्षा प्रशिक्षणार्थियों के बीच महिला हिंसा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया.

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लखीसराय. जिला समाहरणालय के समीप स्थित खेल भवन के प्रशाल में रविवार को महिला एव�� बाल विकास निगम के तत्वाधान में आत्मरक्षा प्रशिक्षणार्थियों के बीच महिला हिंसा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. मौके पर जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी सह प्रभारी खेल पदाधिकारी मृणाल रंजन ने अपने संबोधन में कहा कि बाल विवाह एक सामाजिक बुराई है. जो समाज और राष्ट्र दोनों के विकास में बाधक है. जिसे हम लोगों के बीच जागरूकता फैला कर ही समाप्त किया जा सकता है. 21 वर्ष से पहले शादी नहीं होना चाहिए और इस अभियान के बारे में अपने दोस्त, पड़ोसी व रिश्तेदार को भी जानकारी देकर नयी चेतना अभियान चलाये जाने पर जोर दिया. अंतरराष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन पखवारा के जागरूकता कार्यक्रम में जिला मिशन समन्वयक प्रशांत कुमार ने बताया कि जागरूकता कार्यक्रम महिलाएं व किशोरी हिंसा की पहचान कर उसके खिलाफ मुखर होकर विरोध करने में सहायक बनेगा. हिंसा सहकर कोई भी उत्थान या प्रगति नहीं कर सकता. लिंग आधारित हिंसा अधिकांश: महिलाओं व किशोरियों के साथ घटित हो रहा है, लिंग परीक्षण कर भ्रूण हत्या किया जा रहा है. जिसमें महिला की ही सहभागिता रहता है. लिंग आधारित हिंसा गर्भ में पल रहे भ्रूण से ही शुरू हो रहा है, जो कानूनी तौर पर अपराध है. मौके पर लैंगिक विशेषज्ञ नवीन कुमार, एमटीएस नवींद्र दास, प्रशिक्षणार्थी अमीषा पटेल, अरुणा, सिमरन, तुलसी, रूना सहित दर्जनों ताइक्वांडो प्रशिक्षणार्थी मौजूद रहे.

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