2 महीने से बंद है घोघी-कोड़ासी का रास्ता, 300 आदिवासी परिवार परेशान, स्कूल-अस्पताल पहुंचना भी हुआ मुश्किल
ग्रामीणों को समझाते डीएम शैलेंद्र कुमार डीएम के आने की सूचना पर पहुंचे ग्रामीण | Prabhat Khabar Network
कजरा सोलर पावर प्लांट निर्माण के कारण घोघी-कोड़ासी गांव का मुख्य रास्ता पिछले दो माह से बंद है. इससे 300 से अधिक आदिवासी परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने ग्रामीणों की व्यथा सुनी और जल्द ही स्थायी समाधान का आश्वासन दिया है.
Ghoghi Kodasi Road Closed: पीरीबाजार. एक रास्ता बंद हुआ तो घोघी-कोड़ासी के करीब 300 आदिवासी परिवारों की जिंदगी जैसे थम सी गई. प्रसिद्ध कजरा सोलर पावर प्लांट के निर्माण के बाद गांव की ओर जाने वाला मुख्य रास्ता पिछले दो महीने से बंद है. इसका असर सिर्फ आवागमन पर नहीं पड़ा, बल्कि बच्चों की पढ़ाई, बीमारों के इलाज और ग्रामीणों के रोजगार तक पहुंच पर भी पड़ रहा है.
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रविवार को समस्या से परेशान करीब 300 ग्रामीण एकजुट हुए और जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार का इंतजार किया. डीएम के आने की सूचना पर ग्रामीण करीब दो घंटे तक मौके पर डटे रहे. जिलाधिकारी के पहुंचते ही ग्रामीणों ने उन्हें रास्ता बंद होने के बाद पैदा हुई परेशानियों के बारे में बताया और जल्द स्थायी समाधान की मांग की.
स्कूल जाने के लिए बच्चों को लगाना पड़ रहा अतिरिक्त चक्कर
रास्ता बंद होने का सबसे सीधा असर गांव के बच्चों की पढ़ाई पर पड़ा है. घोघी-कोड़ासी का उत्क्रमित मध्य विद्यालय फिलहाल उत्क्रमित मध्य विद्यालय घोंघी बरियारपुर में शिफ्ट कर दिया गया है.
ऐसे में गांव के छात्र-छात्राओं को स्कूल पहुंचने के लिए रोजाना करीब 2 से 3 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है. बच्चों के लिए यह अतिरिक्त दूरी रोज की परेशानी बन गई है.
ग्रामीणों का कहना है कि पहले से ही सुविधाओं की कमी के बीच बच्चों के स्कूल तक पहुंचने का रास्ता लंबा होना उनकी पढ़ाई को प्रभावित कर सकता है.
बीमार को अस्पताल ले जाना भी बना चुनौती
रास्ता बंद होने का असर स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच पर भी पड़ा है. गांव में किसी व्यक्ति के बीमार पड़ने या आपात स्थिति आने पर उसे अस्पताल ले जाने में ग्रामीणों को काफी जद्दोजहद करनी पड़ती है.
ग्रामीणों के मुताबिक सामान्य दिनों में भी स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच आसान नहीं है. ऐसे में मुख्य रास्ता बंद होने के बाद समस्या और गंभीर हो गई है.
उनका कहना है कि आपात स्थिति में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है. रास्ता बंद रहने से मरीज को अस्पताल पहुंचाने में अतिरिक्त समय लग सकता है.
ग्रामीण बोले- यह सिर्फ सड़क नहीं, हमारी लाइफलाइन है
रविवार को डीएम के सामने ग्रामीणों ने कहा कि घोघी-कोड़ासी का रास्ता उनके लिए महज आने-जाने का साधन नहीं है.
इसी रास्ते से लोग स्कूल, अस्पताल, बाजार और रोजगार के लिए बाहर निकलते हैं. रास्ता बंद होने से रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है.
आदिवासी परिवारों का कहना है कि वे पहले से ही कई मूलभूत सुविधाओं की कमी का सामना कर रहे हैं. ऐसे में मुख्य रास्ता बंद होने से उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं.
दो महीने से अधिकारियों से गुहार, फिर भी नहीं निकला समाधान
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि रास्ता बंद होने के बाद से वे लगातार अधिकारियों से समस्या के समाधान की मांग कर रहे हैं.
इसके बावजूद दो महीने बीत जाने के बाद भी स्थायी समाधान नहीं निकल सका. रविवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों के एकजुट होने के पीछे भी यही नाराजगी थी.
डीएम के आने की सूचना मिलने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और करीब दो घंटे तक उनके पहुंचने का इंतजार किया. ग्रामीणों को उम्मीद थी कि जिले के शीर्ष अधिकारी के सामने समस्या रखने से अब इसका स्थायी समाधान निकलेगा.
डीएम बोले- जल्द निकलेगा स्थायी समाधान
ग्रामीणों की पूरी बात सुनने के बाद जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने कहा कि प्रशासन आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए लगातार काम कर रहा है.
उन्होंने बताया कि रास्ते की समस्या के समाधान के लिए कार्य चल रहा है. शनिवार को डीडीसी सुमित कुमार सहित अन्य अधिकारियों ने भी स्थल का निरीक्षण किया है.
डीएम ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि जल्द ही स्थायी समाधान निकालकर रास्ते को सुचारू किया जाएगा.
अधिकारियों की मौजूदगी में ग्रामीणों ने रखी अपनी बात
मौके पर डीडीसी सुमित कुमार, एसडीपीओ शिवम कुमार, एसडीएम प्रभाकर कुमार, सोलर पावर प्लांट इंचार्ज गौरव कुमार, बीडीओ मंजुल मधुकर मधुप सहित कई अधिकारी मौजूद थे.
बरियारपुर पंचायत के मुखिया अभिषेक राज उर्फ चुन्नू और चौरा राजपुर पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि सुनील बिंद भी मौके पर पहुंचे. सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल की भी तैनाती रही.
अधिकारियों की मौजूदगी में ग्रामीणों ने रास्ता बंद होने से होने वाली परेशानियों को विस्तार से बताया.
Ghoghi Kodasi Road Closed: अब ग्रामीणों को रास्ता खुलने का इंतजार
डीएम के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने जल्द रास्ता खुलने की उम्मीद जताई है. हालांकि उनके लिए राहत तभी होगी, जब रास्ता वास्तव में दोबारा सुचारू हो और स्कूल, अस्पताल, बाजार तथा रोजगार तक पहुंच आसान बने.
फिलहाल प्रशासन की ओर से स्थायी समाधान का भरोसा दिया गया है. अब घोघी-कोड़ासी के ग्रामीणों की नजर इस बात पर है कि दो महीने से बंद रास्ते को कब तक खोला जाता है और भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए क्या व्यवस्था की जाती है.

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