सुरक्षित प्रसव व शिशु देखभाल को लेकर सुमन कार्यक्रम का निर्धारण

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सदर अस्पताल के सभागार में शनिवार को सुमन कार्यक्रम के सफल कार्यान्वयन को लेकर सिविल सर्जन डॉ विनोद प्रसाद सिन्हा की देखरेख में कार्यशाला का आयोजन किया गया.

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लखीसराय. सदर अस्पताल के सभागार में शनिवार को सुमन कार्यक्रम के सफल कार्यान्वयन को लेकर सिविल सर्जन डॉ विनोद प्रसाद सिन्हा की देखरेख में कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की सफलता को लेकर सिविल सर्जन के द्वारा उपस्थित सभी प्रतिभागियों से अनुरोध किया गया कि वे अपने क्षेत्र अंतर्गत कार्यरत सभी पदाधिकारी एवं कर्मी से सुरक्षित मातृत्व आश्वासन (सुमन) कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदान की जा रही स्वास्थ्य सुविधा के संबंध में जानकारी दें और वे लोग आम लोगों को इस संबंध में जागरूक करें. जिला कार्यक्रम समन्वयक सुनील कुमार शर्मा द्वारा पावर पॉइंट प्रेजेन्टेशन के माध्यम से कार्यक्रम का उद्देश्य विस्तार से बताया गया. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत सुरक्षित मातृत्व आश्वासन (सुमन) कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में आनेवाली महिलाओं व शिशुओं को अनिवार्य रूप से सम्मानपूर्ण तथा उच्च कोटी की स्वास्थ्य सेवाएं बिना किसी खर्च के उपलब्ध करवाया जाना है. यह कार्यक्रम माता तथा शिशु को सकारात्मक एवं तनाव मुक्त जन्म का अनुभव प्रदान करने में सहायक करेगा. इसके तहत प्रसव पूर्व जांच, सुरक्षित प्रसव, जीरो डोज टीकाकरण, स्तनपान में सहयोग, आवागमन के लिए निशुल्क रेफरल की सुविधा, जन्म प्रमाण पत्र वितरण, प्रसव पश्चात परिवार नियोजन के लिए सलाह तथा निर्धारित समय सीमा के अंदर कॉल सेंटर के माध्यम से सभी शिकायतों का निवारण के लिए लाभार्थी को किसी भी तरीके से मना नहीं किया जा सकता है. गर्भवती महिलाओं को प्रसवपश्चात छह माह तथा सभी बीमार शिशु का गरिमामय, सम्मानपूर्ण एवं गुणवत्तापूर्ण निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में दिया जाना है. यह सेवाएं निशुल्क प्रदान की जानी है एवं सर्विस चार्टर के रूप में इन सेवाओं की उपलब्धि संस्थान के प्रांगण में बोर्ड पर डिस्प्ले किया जाना है, जो इस प्रकार होगा. कम से कम चार प्रसव पूर्व जांच और छह नवजात शिशु आधारित गृह भ्रमण का देखभाल का प्रावधान, एमटीपी अधिनियम के अनुरूप व्यापक गर्भपात देखभाल सेवाओं का प्रावधान, सुरक्षित मातृत्व पुस्तिका तथा मातृ और शिशु संरक्षण कार्ड, प्रशिक्षित कर्मचारी द्वारा प्रसव, मातृ जटिलताओं की पहचान करना और प्रबंधन के लिए निशुल्क सेवा प्रदान करना, स्तनपान के लिए जल्दी शुरुआत और सहयोग गोपनीयता और गरिमा के साथ सम्मानजनक देखभाल. कार्यशाला में स्वास्थ्य विभाग, आइसीडीएस एवं जीविका के सभी प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी के साथ ही सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ राकेश कुमार, प्रबंधक नंदकिशोर भारती, सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी , सभी प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक, सभी प्रखण्ड सामुदायिक उत्प्रेरक, अस्पताल प्रबंधक मौजूद थे.

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