सात महिला श्रद्धालुओं की मौत के बाद अशोकधाम में पहली बार अरघा सिस्टम, जिगजैग रूट से होगी एंट्री
फोटो- अशोक धाम मंदिर कार्यालय में बैठक करते डीएम एसपी व अन्य
लखीसराय के अशोकधाम मंदिर में चौथी सोमवारी को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. पहली बार अरघा सिस्टम लागू होगा, जिससे श्रद्धालु गर्भगृह से बाहर से ही जलाभिषेक कर सकेंगे. भीड़ नियंत्रण के लिए रेलवे स्टेशन से जिगजैग रूट तैयार किया जा रहा है.
Ashokdham Fourth Somwari: लखीसराय. चौथी सोमवारी की तैयारियों को लेकर डीएम शैलेंद्र कुमार और एसपी प्रेरणा कुमार ने अशोकधाम मंदिर पहुंचकर ट्रस्ट एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की. बैठक में भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर कई अहम फैसले लिए गए. प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पिछली घटना को देखते हुए इस बार सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी.
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पहली बार लागू होगा अरघा सिस्टम
अशोकधाम मंदिर के इतिहास में पहली बार अरघा सिस्टम लागू किया जा रहा है. इस व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं को गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी. श्रद्धालु मंदिर के बाहर से ही अरघा के माध्यम से बाबा इंद्रदमनेश्वर का जलाभिषेक करेंगे.
प्रशासन का मानना है कि गर्भगृह में भीड़ का दबाव कम करने और जलाभिषेक के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित करने में यह व्यवस्था महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.
रेलवे स्टेशन से बनेगा जिगजैग रूट
भीड़ नियंत्रण के लिए अशोकधाम रेलवे स्टेशन के पार्किंग क्षेत्र में जिगजैग कतार तैयार की जा रही है. ट्रेन से आने वाले श्रद्धालुओं को इसी कतार से होकर मंदिर की ओर भेजा जाएगा.
स्टेशन के आसपास फूल और बेलपत्र खरीदने वाले श्रद्धालुओं को भी निर्धारित लाइन में ही शामिल होना होगा, ताकि मुख्य मार्ग पर भीड़ न बढ़े और सभी श्रद्धालुओं की आवाजाही नियंत्रित तरीके से हो.
बालगुदर और बीएड कॉलेज मोड़ से आने वालों का भी बदलेगा रास्ता
बालगुदर और बीएड कॉलेज मोड़ की ओर से पैदल आने वाले कांवरियों को सीधे मंदिर की ओर जाने की अनुमति नहीं होगी. उन्हें निर्धारित मार्ग से घुमाकर रेलवे स्टेशन के जिगजैग सिस्टम में शामिल किया जाएगा.
इसके लिए सड़कों की मरम्मत, बिजली के खंभों को व्यवस्थित करने और सकरी सड़कों पर मिट्टी भरकर रास्ता चौड़ा करने का काम तेज कर दिया गया है.
एक समय में एक ही ट्रेन रुकेगी
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रेलवे की ओर से भी विशेष व्यवस्था की गई है. अशोकधाम रेलवे स्टेशन पर एक समय में केवल एक ट्रेन के ठहराव की व्यवस्था रहेगी. पहली ट्रेन के रवाना होने के बाद ही दूसरी ट्रेन को प्लेटफॉर्म पर लिया जाएगा. इसके अलावा थ्रू ट्रेनों में चेन पुलिंग रोकने के लिए विशेष निगरानी रखी जाएगी, ताकि अनावश्यक रूप से ट्रेन रुकने से स्टेशन पर अचानक भीड़ न बढ़े.
तीसरी सोमवारी की भगदड़ के बाद बढ़ी सतर्कता
गौरतलब है कि तीसरी सोमवारी की सुबह बाबा इंद्रदमनेश्वर के जलाभिषेक के दौरान अशोकधाम मंदिर परिसर में भगदड़ मच गई थी. हादसे में सात महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी. घटना के बाद प्रशासन ने मामले की जांच के लिए एडीएम नीरज कुमार के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की है.

सुरक्षा में नहीं होगी कोई चूक
डीएम शैलेंद्र कुमार ने कहा कि चौथी सोमवारी पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर चूक नहीं होने दी जाएगी. एसपी प्रेरणा कुमार ने बताया कि भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जा रही है और मंदिर से लेकर आने-जाने वाले मार्गों तक निगरानी बढ़ाई जाएगी.
अधिकारी और ट्रस्ट पदाधिकारी रहे मौजूद
Ashokdham Fourth Somwari: समीक्षा बैठक में एसडीएम प्रभाकर कुमार, एसडीपीओ शिवम कुमार, अशोकधाम मंदिर ट्रस्ट के सचिव डॉ. अमित कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे. प्रशासन ने श्रद्धालुओं से निर्धारित रूट और सुरक्षा व्यवस्था का पालन करने की अपील की है.
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