रक्षाबंधन को लेकर पौआखाली बाजार में बढ़ी रौनक, राखियों से सजा बाजार

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पौआखाली नगर बाजार में सजी राखी दुकान पर भाई के लिए राखी खरीद रही एक बहन | Prabhat Khabar Network

रक्षाबंधन के त्योहार को लेकर पौआखाली बाजार में राखियों की दुकानें सज गई हैं। जानें राखी बांधने का शुभ मुहूर्त और बाजार में छाई रौनक की पूरी जानकारी।

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पौआखाली : रक्षाबंधन पर्व नजदीक आते ही पौआखाली नगर बाजार में चहल-पहल बढ़ गई है. बाजार की दुकानें रंग-बिरंगी और आकर्षक राखियों से सज गई हैं. बहनें भाइयों की कलाई पर सजाने के लिए पसंद की राखियां खरीदने बाजार पहुंच रही हैं.

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3 से 150 रुपये तक की राखियां उपलब्ध

नगर के प्रसिद्ध हनुमान मंदिर के समीप राखी विक्रेता मनमोहन प्रसाद साह ने बताया कि दुकान पर 3 रुपये से लेकर 150 रुपये तक की अलग-अलग डिजाइन की राखियां उपलब्ध हैं. बच्चों, युवाओं और महिलाओं की पसंद को ध्यान में रखते हुए रंगीन धागों, मोतियों और आकर्षक डिजाइनों वाली राखियां मंगाई गई हैं.

पौआखाली बाजार के मनोज बुक स्टोर, सूरज जेनरल स्टोर, विकास स्टोर, मनोरंजन स्टोर, मोनू स्टोर और सेवानंद गिफ्ट स्टोर समेत अन्य दुकानों पर भी राखियों की विभिन्न श्रृंखलाएं उपलब्ध हैं.

5 लाख रुपये तक का कारोबार होने की उम्मीद

राखी विक्रेता मनोज कुमार साह ने बताया कि पौआखाली नगर बाजार दिघलबैंक और बहादुरगंज प्रखंड की सीमा से सटा बड़ा व्यापारिक केंद्र है. आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के व्यापारी भी यहां से थोक और खुदरा खरीदारी करते हैं. उनके अनुसार नगर बाजार में करीब ढाई से पांच लाख रुपये तक का राखी कारोबार होने का अनुमान है.

शुक्रवार सुबह रहेगा राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

नगर के पुरोहित अंजनी कुमार पाठक के अनुसार शुक्रवार को भोर 4:49 बजे से सुबह 9:30 बजे तक राखी बांधने का शुभ मुहूर्त रहेगा. इसके बाद पूर्णिमा समाप्त हो जाएगी. पर्व को लेकर लोग शुभ मुहूर्त के अनुसार तैयारियों में जुटे हैं.

राखी दुकानों से गूंज रहे सावन और भाई-बहन के गीत

रक्षाबंधन की तैयारियों के बीच बाजार का माहौल भी उत्सवी हो गया है. राखी की दुकानों से बज रहे भाई-बहन के रिश्ते पर आधारित मधुर गीत लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं. गीतों की गूंज से बाजार में पर्व की रौनक और बढ़ गई है.

भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक है रक्षाबंधन

रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और अपनत्व का पर्व है. इस दिन बहन भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसके सुखी और सुरक्षित जीवन की कामना करती है, जबकि भाई बहन की सुरक्षा और साथ निभाने का संकल्प लेता है. पौआखाली में भी घरों से लेकर बाजार तक पर्व को लेकर उत्साह नजर आने लगा है. आने वाले दिनों में राखी की खरीदारी और तेज होने की उम्मीद है.


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