किशनगंज में पर्युषण महापर्व पर 'व्रत चेतना दिवस': उपासकों ने दिया आत्मसंयम का संदेश, नशामुक्त परिवार अभियान का विमोचन

Updated:
विज्ञापन

कार्यक्रम में शामिल महिला श्रद्धालु. | Prabhat Khabar Network

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

किशनगंज में पर्युषण महापर्व के अवसर पर 'व्रत चेतना दिवस' श्रद्धापूर्वक मनाया गया. उपासक महावीर दुगड़ और झब्बर दुगड़ ने अणुव्रत के जीवनोपयोगी दर्शन और आत्मसंयम का महत्व समझाया.

विज्ञापन

जैन श्वेतांबर तेरापंथ धर्मसंघ के परम पावन पर्युषण महापर्व के पांचवें दिन किशनगंज में 'व्रत चेतना दिवस' श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया. वर्तमान अनुशास्ता आचार्य श्री महाश्रमण जी की कृपा से किशनगंज समाज को उपासक महावीर दुगड़ और उपासक झब्बर दुगड़ का पावन सान्निध्य प्राप्त हुआ.

विज्ञापन

कार्यक्रम का शुभारंभ नमस्कार महामंत्र के सामूहिक मंगलाचरण के साथ हुआ, जिसके बाद तेरापंथ महिला मंडल की सदस्यों ने अणुव्रत चेतना पर आधारित प्रेरणादायी गीतिका प्रस्तुत कर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया.

छोटे संकल्पों से बदलता है जीवन: उपासक झब्बर दुगड़

उपासक झब्बर दुगड़ ने अणुव्रत के जीवनोपयोगी दर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा:

  • संयम का मार्ग: व्यक्ति बड़े-बड़े त्याग भले न कर सके, लेकिन छोटे-छोटे व्यावहारिक संकल्पों के माध्यम से अपने जीवन को संयमित, सुसंस्कृत और मर्यादित बना सकता है.
  • नैतिकता की नींव: अणुव्रत किसी जाति या संप्रदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानव मात्र को आचरण की शुद्धता, प्रामाणिकता और अनुशासन की सीख देता है.

लेश्या और भावों की शुद्धि से व्यक्तित्व का विकास: उपासक महावीर दुगड़

उपासक महावीर दुगड़ ने जैन दर्शन के गूढ़ विषय 'लेश्या' (मानसिक भावों की स्थिति) पर विस्तार से उद्बोधन दिया:

  • भावों का प्रभाव: व्यक्ति के अंतर्मन के भाव और विचार ही उसके आचरण तथा सामाजिक व्यवहार को निर्धारित करते हैं.
  • सकारात्मक चिंतन: उन्होंने श्रद्धालुओं से नकारात्मक विचारों और विकृतियों का त्याग कर शुभ, शुद्ध और प्रशस्त लेश्या के विकास की अपील की. उन्होंने कहा कि पर्युषण आत्मनिरीक्षण और आत्मावलोकन का अवसर है, जिससे जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना चाहिए.

अणुव्रत के 11 नियमों का वाचन और बैनर विमोचन

समारोह के दौरान सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन पर विशेष बल दिया गया:

  • 11 नियमों का पाठ: कार्यक्रम में उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं ने अणुव्रत के 11 मौलिक नियमों का वाचन किया और उन्हें अपने दैनिक व्यवहार में उतारने का संकल्प लिया.
  • नशामुक्त परिवार अभियान: इस पावन अवसर पर अणुव्रत समिति के पदाधिकारियों ने 'नशामुक्त परिवार' और आगामी 'अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह' से संबंधित जागरूकता बैनर का विधिवत विमोचन किया.
  • आत्मसंयम का संकल्प: उपस्थित जनसमूह ने व्यसनों से दूर रहने, सामाजिक समरसता बनाए रखने और आत्मसंयम के जरिए एक स्वस्थ समाज के निर्माण में सहयोग का संकल्प दोहराया.

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन