दिघलबैंक के 83 मोतियाबिंद मरीज नि:शुल्क ऑपरेशन के लिए नेपाल रवाना, लौटेगी आंखों की रोशनी
नेपाल ले जाते मरीजों को मुखिया प्रतिनिधि गणेश कुमार सिंह
दिघलबैंक पंचायत से 83 मोतियाबिंद से पीड़ित मरीजों को नेपाल के मेची आँखा अस्पताल में नि:शुल्क ऑपरेशन के लिए भेजा गया है. यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है, जिससे उनकी आंखों की रोशनी लौटने की उम्मीद जगी है.
दिघलबैंक : दिघलबैंक पंचायत में आयोजित नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर के बाद मानव सेवा की दिशा में एक और पहल की गयी. शिविर में जांच के दौरान मोतियाबिंद से पीड़ित पाये गये 83 जरूरतमंद मरीजों को सोमवार को नि:शुल्क ऑपरेशन के लिए नेपाल के बिर्तामोड़ स्थित मेची आँखा अस्पताल रवाना किया गया.
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मरीजों के रवाना होते समय उनके परिजनों और स्थानीय लोगों में उत्साह देखने को मिला. लोगों ने कहा कि आर्थिक तंगी के कारण लंबे समय से ऑपरेशन नहीं करा पा रहे जरूरतमंद मरीजों के लिए यह पहल बड़ी राहत लेकर आयी है. ऑपरेशन के बाद कई मरीजों की आंखों की रोशनी लौटने की उम्मीद है.
नेत्र जांच शिविर में चिन्हित हुए थे मरीज
दिघलबैंक पंचायत में आयोजित नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने आंखों की जांच करायी थी. चिकित्सकीय जांच और सलाह के बाद मोतियाबिंद से पीड़ित 83 मरीजों को ऑपरेशन के लिए चिन्हित किया गया.
सोमवार को सभी मरीजों को मुखिया प्रतिनिधि गणेश कुमार सिंह की देखरेख में मेची आँखा अस्पताल, बिर्तामोड़ के लिए रवाना किया गया. अस्पताल पहुंचने के बाद मरीजों के ऑपरेशन से जुड़ी आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया शुरू कर दी गयी.
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को मिली राहत
मरीजों और उनके परिजनों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि निःशुल्क इलाज मिलने से उन परिवारों को राहत मिली है, जो आर्थिक कारणों से लंबे समय से मोतियाबिंद का ऑपरेशन नहीं करा पा रहे थे.
स्थानीय लोगों ने जनहित में की गयी इस पहल के लिए मुखिया प्रतिनिधि गणेश कुमार सिंह और आयोजन से जुड़े सभी लोगों का आभार जताया.
‘मानव सेवा से बढ़कर कोई सेवा नहीं’
मुखिया प्रतिनिधि गणेश कुमार सिंह ने कहा कि मानव सेवा से बढ़कर कोई सेवा नहीं है. पंचायत क्षेत्र के जरूरतमंद लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है.
उन्होंने कहा कि नेत्र जांच शिविर में मोतियाबिंद से पीड़ित मिले 83 मरीजों को नि:शुल्क ऑपरेशन के लिए मेची आँखा अस्पताल भेजा गया है. आर्थिक अभाव के कारण किसी जरूरतमंद को इलाज से वंचित नहीं रहना चाहिए.
उन्होंने अस्पताल प्रबंधन, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों के सहयोग के लिए आभार जताया.
‘नई रोशनी देने की छोटी-सी कोशिश’
गणेश कुमार सिंह ने कहा कि यह पहल सिर्फ एक स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि जरूरतमंद लोगों के जीवन में नई रोशनी लाने का प्रयास है. उन्होंने भविष्य में भी पंचायत क्षेत्र में जनहित और मानव सेवा से जुड़े ऐसे कार्य जारी रखने की बात कही.
मेची आँखा अस्पताल में मरीजों के ऑपरेशन की प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी मिलने के बाद उनके परिजनों में भी खुशी देखी गयी. स्थानीय लोगों ने इस पहल को मानवता, सेवा और भारत-नेपाल सहयोग की अच्छी मिसाल बताया.
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