बंदोबस्त भूमि पर आदिवासियों ने बनायी झोपड़ी, खरीदार ने किया जमकर विरोध

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किशनगंज : स्थानीय कजलामनी आदिवासी टोला स्थित 5.64 एकड़ भूमि ब्रदो बासकी के नाम से बंदोबस्त था. लेकिन बगल के ही कुछ लोग जमीन खरीदने का दावा कर उस पर खेती का काम कर रहे थे. इसी क्रम में मंगलवार की अहले सुबह ब्रदो बासकी के परिजन उस जमीन पर झोपड़ी बनाकर फिर से कब्जा […]

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किशनगंज : स्थानीय कजलामनी आदिवासी टोला स्थित 5.64 एकड़ भूमि ब्रदो बासकी के नाम से बंदोबस्त था. लेकिन बगल के ही कुछ लोग जमीन खरीदने का दावा कर उस पर खेती का काम कर रहे थे. इसी क्रम में मंगलवार की अहले सुबह ब्रदो बासकी के परिजन उस जमीन पर झोपड़ी बनाकर फिर से कब्जा कर लिया.

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जिससे दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति पैदा हो गयी. घटना की सूचना मिलते ही किशनगंज पुलिस ने मौके पर पहुंच दोनों पक्षों को समझा बुझाकर शांत कराया और कागजात लेकर टाउन थाना आने को कहा. हालांकि समाचार प्रेषण तक कोई भी पक्ष कागजात के साथ ही थाना पहुंचा था.
मिली जानकारी के अनुसार बंदोबस्ती वाद संख्या 91/66-67 के तहत बद्रो बासकी को खगड़ा मौजा वार्ड संख्या 6 अंतगर्त खाता संख्या 94 खेसरा 1515 रकवा 5.64 एकड़ भूमि बंदोबस्त किया गया था. जिसे ब्रद्री बासकी ने 52 डिसमील जमीन सैयद अली, अनीसुर रहमान, मोजीबुर रहमान व हबीबुर्रहमान के नाम बिक्री कर दिया था.
ध्यातव्य है कि बंदोबस्तधारी के द्वारा भूमि किसी अन्य व्यक्ति को अवैध बिक्री या हस्तांतरण किया जाता है तो किसी अन्य व्यक्ति का इस भूमि पर कोई हक नहीं होगा और सरकार द्वारा पुर्नग्रहण कर ली जायेगी. सीओ किशनगंज ने इस मामले में उक्त भूमि को बिहार सरकार के खाते में पुर्नग्रहण करने की अनुशंसा की है.
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