खगड़िया: गोगरी में गंगा के उफान से सैकड़ों घरों में घुसा बाढ़ का पानी, SDM और DSP ने लिया जायजा; GN बांध पर पेट्रोलिंग तेज
निरीक्षण करते एसडीओ और डीएसपी | Prabhat Khabar Network
खगड़िया जिले के गोगरी अनुमंडल में गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. एसडीएम और डीएसपी ने प्रभावित इलाकों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया. ग्रामीणों को हर संभव सरकारी मदद का भरोसा दिलाया गया है.
खगड़िया जिले के गोगरी अनुमंडल क्षेत्र में गंगा नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से बाढ़ का खतरा गंभीर रूप ले चुका है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गोगरी एसडीएम संजय कुमार और डीएसपी चन्दन कुमार ठाकुर ने प्रशासनिक टीम के साथ प्रभावित इलाकों का सघन दौरा कर वस्तुस्थिति का जायजा लिया. इस दौरान अधिकारियों ने रामपुर से भुड़ीया दियारा जाने वाले संपर्क मार्ग और ध्वस्त पुल का निरीक्षण किया तथा ग्रामीणों की समस्याएं सुनकर हर संभव सरकारी मदद का भरोसा दिलाया. वहीं, बाढ़ का पानी कई गांवों के सैकड़ों घरों में प्रवेश कर जाने से पीड़ित ऊंचे स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं.
आपके शहर में
एसडीएम-डीएसपी ने प्रभावित दियारा क्षेत्रों का किया दौरा
बाढ़ के बढ़ते दबाव के बीच प्रशासनिक अमले ने जमीनी हकीकत परखने के लिए कई संवेदनशील गांवों का रुख किया:
- दौरे में ये रहे शामिल: एसडीएम संजय कुमार और डीएसपी चन्दन कुमार ठाकुर के साथ बीडीओ रघुनन्दन आनंद, सीओ मो. आमिर हुसैन और गोगरी प्रखंड प्रमुख अशोक कुमार पन्त मौजूद रहे.
- प्रभावित गांव: अधिकारियों ने गोगरी, बौरना, इमादपुर, शारदा नगर सहित इटहरी पंचायत के भुड़ीया, आश्रम और कटघरा दियारा आदि गांवों का मुआयना किया.
- ग्राउंड इंस्पेक्शन: अधिकारियों ने सबसे पहले रामपुर से भुड़ीया दियारा तक जाने वाली मुख्य सड़क और वहां स्थित ध्वस्त पुल का जायजा लिया, जहां बाढ़ के पानी के कारण आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है.

GN बांध पर 24 घंटे पेट्रोलिंग और अलर्ट मोड के निर्देश
प्रखंड कार्यालय में बीडीओ और सीओ के साथ समीक्षा बैठक कर एसडीएम ने त्वरित राहत कार्यों के निर्देश जारी किए:
- जीएन बांध की सुरक्षा: पानी का दबाव तेज होने के कारण जीएन बांध पर स्थानीय प्रशासन और गोगरी थाना पुलिस को लगातार गश्त (पेट्रोलिंग) करने और 24 घंटे अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया गया है.
- पेयजल व शौचालय की व्यवस्था: बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पीएचईडी (PHED) को शुद्ध पेयजल टैंकरों के माध्यम से पहुंचाने और चिन्हित स्थलों पर अस्थाई शौचालय बनवाने का सख्त निर्देश दिया गया.
गंगा में उफान से पशु चारे का संकट, राहत की आस में ग्रामीण
नदी के जलस्तर में निरंतर वृद्धि से तटवर्ती और दियारा इलाकों में मानवीय संकट गहराने लगा है:
- ऊंचे स्थानों पर ठिकाना: घरों में पानी घुसने के कारण बाढ़ पीड़ित जरूरी सामान निकालकर ऊंचे स्थलों और तटबंधों पर शरण ले रहे हैं.
- चारे और राहत का अभाव: बाढ़ के कारण पशुओं के चारे का भारी संकट खड़ा हो गया है. जमीनी स्तर पर पीड़ितों का कहना है कि राहत सामग्री और चारे का वितरण तत्काल शुरू होना चाहिए, ताकि प्रभावित परिवारों को समय पर सहारा मिल सके.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए