बाबा फुलेश्वरनाथ मंदिर की जमीन से 14 दिनों में हटेगा अतिक्रमण, एसडीओ ने दिया भरोसा
फोटो -बाबा फुलेश्वर नाथ मंदिर पहुंचकर मंदिर संरक्षक भुतनाथ बाबा से जानकारी लेते एसडीओ। | Prabhat Khabar Network
बाबा फुलेश्वरनाथ शिव मंदिर परिसर में अतिक्रमण हटाने के आदेश. एसडीओ ने जमीन की पैमाइश कर 14 दिनों में अतिक्रमित भूमि खाली कराने का निर्देश दिया.
बेलदौर (खगड़िया). प्रखंड के प्रसिद्ध बाबा फुलेश्वरनाथ शिव मंदिर परिसर में विवादित जमीन और अतिक्रमण के मामले की जांच करने एसडीओ गोगरी संजय कुमार पहुंचे. उन्होंने मंदिर परिसर की जमीन की पैमाइश करायी और 14 दिनों के भीतर अतिक्रमित जमीन खाली कराने का भरोसा दिया. साथ ही छठ पूजा के बाद सर्वसम्मति से मंदिर कमेटी का गठन कराने की बात कही. निरीक्षण के दौरान मंदिर परिसर की व्यवस्था, विवाह भवन के उपयोग और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई.
ग्रामीणों की शिकायत पर मंदिर परिसर पहुंचे एसडीओ
जानकारी के अनुसार, सिकंदरपुर के ग्रामीणों ने आवेदन देकर मंदिर परिसर स्थित विवाह भवन पर साधु-संतों द्वारा अतिक्रमण किये जाने की शिकायत की थी. ग्रामीणों का कहना है कि विवाह समारोह के लिए मंदिर आने वाले लोगों को कपड़े बदलने में परेशानी होती है. शिकायत के बाद एसडीओ संजय कुमार ने मंदिर परिसर का निरीक्षण किया और जमीन की पैमाइश करायी. उन्होंने 14 दिनों के भीतर अतिक्रमित जमीन खाली कराने का भरोसा दिया.
विवाह भवन खाली कराने से पहले बनेगा अलग कक्ष
एसडीओ ने कहा कि विवाह भवन खाली कराने से पहले मंदिर परिसर में रह रहे साधु-संतों के रहने और मंदिर की सामग्री रखने के लिए अलग कक्ष का निर्माण कराया जाएगा. इसके बाद ही विवाह भवन खाली कराने की कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि व्यवस्था इस तरह की जाएगी, जिससे साधु-संतों के रहने की सुविधा बनी रहे और विवाह समारोह में आने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़े.
छठ पूजा के बाद सर्वसम्मति से बनेगी मंदिर कमेटी
मंदिर परिसर की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए छठ पूजा के बाद सर्वसम्मति से मंदिर कमेटी का गठन कराने की बात भी कही गयी. मंदिर के संचालन और व्यवस्थाओं को लेकर स्थानीय स्तर पर उठ रहे विवाद के बीच कमेटी गठन को महत्वपूर्ण माना जा रहा है. स्थानीय श्रद्धालुओं की मांग है कि मंदिर के संचालन और संरक्षण के लिए ऐसी व्यवस्था बने, जिससे धार्मिक गतिविधियां सुचारू रूप से चल सकें.
पांडवकालीन वटवृक्ष के संरक्षण और बाउंड्री निर्माण पर जोर
निरीक्षण के दौरान एसडीओ ने मंदिर परिसर में स्थित पांडवकालीन वटवृक्ष के संरक्षण और परिसर में बाउंड्री निर्माण कराने की बात कही. बाबा फुलेश्वरनाथ मंदिर को ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व का स्थल बताया जाता है. मंदिर परिसर की जमीन, वटवृक्ष और अन्य संपत्तियों के संरक्षण के साथ बेहतर प्रबंधन की जरूरत पर भी जोर दिया गया.
निरीक्षण के बाद मंदिर संरक्षक को धमकी देने का आरोप
एसडीओ के निरीक्षण के बाद मंदिर के संरक्षक बाबा भुतनाथ उर्फ दीपक कुमार ने आरोप लगाया कि उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया और उन्हें अपने चेले के साथ मंदिर खाली करने की चेतावनी दी गयी. बाबा के अनुसार, उन्हें ऐसा नहीं करने पर बुरे अंजाम की धमकी भी दी गयी. बाबा भुतनाथ उर्फ दीपक कुमार ने बताया कि इस संबंध में एसडीओ और थानाध्यक्ष को लिखित आवेदन देकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की जाएगी. इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
गुरु के निधन के बाद मंदिर प्रबंधन को लेकर बढ़ी चिंता
बताया गया कि बाबा फुलेश्वरनाथ मंदिर के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले गुरु बाबा के निधन के बाद मंदिर परिसर की जमीन और प्रबंधन को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ है. इससे शिवभक्तों और इलाके के श्रद्धालुओं की चिंता बढ़ गयी है. श्रद्धालु चाहते हैं कि वरीय अधिकारी प्रशासनिक सहयोग के साथ मंदिर के बेहतर संचालन और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए ठोस व्यवस्था सुनिश्चित करें.
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