नाव परिचालन में मानक की अनदेखी

खगड़िया: जिले में अब तक कई बड़े नाव हादसे हो चुके हैं, लेकिन जिला प्रशासन के अधिकारी इससे सबक नहीं ले रहे है. यही कारण है एक के बाद एक नाव दुर्घटनाएं हो रही हैं. वाहनों की तरह अब नाव पर भी ओवरलोडिंग की परंपरा चल पड़ी है. दरअसल नौका परिचालन की तरफ अधिकारियों का […]
इसके बाद ही घाट की पट्टेदारी किसी भी नाविक को दी जाती है. नौका पर सर्वप्रथम तो नाव की क्षमता का बोर्ड लगाया जाना चाहिए. इसके अलावा नाव पर लोगों के बैठने की उत्तम व्यवस्था होनी चाहिए. लाइफ जैकेट भी नाव पर होना अति आवश्यक है. फंदा रस्सी और अन्य सामान का भी होना जरूरी है. पर, जिले के एक भी घाट पर नाव चलाने वाले नाविकों के पास ऐसे सामान देखने को नहीं मिलते हैं. इस कारण हादसे के समय लोगों को किसी प्रकार की सुरक्षा नहीं मिल पाती है.
कहीं-कहीं तो ऐसा भी देखा गया है कि नाव को रस्सी के सहारे नदी में इस पार से उस पार किया जाता है. इस पर रोक लगाने की जिम्मेदारी परिवहन विभाग की है. पर, एक भी दिन परिवहन विभाग के अधिकारी जांच करते हुए नजर नहीं आते हैं. यही कारण है कि फुलतौड़ा, बोरना, बदला घाट आदि जगहों पर हादसे होते रहे और प्रशासन घटना के बाद राहत कार्य में जुटा रहा.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










