कंता गांव को प्राणपुर से जोड़ने वाले मार्ग पर पुल नहीं, लोगों को 7 किमी घूमकर जाना पड़ता है

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फोटो कैप्सन:पुल का निर्माण नहीं किया गया तो अनशन पर बैठेंगे ग्रामीण | Prabhat Khabar Network

कंता गांव के निवासी वर्षों से प्राणपुर से सीधा जुड़ाव न होने की समस्या से जूझ रहे हैं. पुल के अभाव में उन्हें 5-7 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे विद्यार्थी, मरीज और व्यापारियों को भारी परेशानी हो रही है. ग्रामीणों ने पुल निर्माण की मांग को लेकर प्रदर्शन कर प्रशासन को चेताया है.

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कटिहार, कदवा. प्रखंड क्षेत्र के भोगांव पंचायत अंतर्गत कंता गांव को प्राणपुर से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मार्ग पर पुल निर्माण नहीं होने से ग्रामीणों को वर्षों से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि आजादी के कई दशक बीत जाने के बाद भी इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है. पुल नहीं होने के कारण लोगों को सीधे कम दूरी तय कर प्राणपुर पहुंचने के बजाय पांच से सात किलोमीटर तक घूमकर जाना पड़ता है.

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वर्षों से उठ रही पुल निर्माण की मांग

स्थानीय लोगों के अनुसार कंता गांव और आसपास के ग्रामीण लंबे समय से उक्त स्थल पर पुल निर्माण कराने की मांग कर रहे हैं. इसके बावजूद अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है. पुल नहीं होने से स्थानीय लोगों में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है. लोगों का कहना है कि पुल बनने से कंता गांव का प्राणपुर से सीधा संपर्क स्थापित हो जाएगा और आवागमन काफी आसान हो जाएगा.

पुल निर्माण की मांग को लेकर किया प्रदर्शन

शनिवार को समीम अख्तर एवं पूर्व मुखिया रहमान अली के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने पुल निर्माण की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से जल्द से जल्द पुल निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की. ग्रामीणों ने कहा कि लंबे समय से समस्या झेलने के बावजूद अब तक कोई ठोस पहल नहीं होने से लोगों में निराशा है.

विद्यार्थियों, मरीजों और व्यापारियों को हो रही परेशानी

ग्रामीणों ने बताया कि पुल नहीं होने से केवल सामान्य आवागमन ही प्रभावित नहीं है. विद्यार्थियों को स्कूल और अन्य शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंचने में परेशानी होती है. मरीजों और बुजुर्गों को भी प्राणपुर आने-जाने के लिए अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है. व्यापारियों और अन्य लोगों को भी घूमकर लंबा रास्ता तय करना पड़ता है. बरसात के मौसम में स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ जाती है.

समय रहते पहल नहीं हुई तो तेज होगा आंदोलन

समीम अख्तर ने कहा कि कंता गांव के लोगों की यह कोई नई मांग नहीं है. ग्रामीण वर्षों से पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है. उन्होंने कहा कि पुल बनने से कंता गांव और आसपास के क्षेत्रों के लोगों का प्राणपुर से सीधा संपर्क हो जाएगा. लोगों को कई किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते पुल निर्माण की दिशा में ठोस पहल नहीं की गई तो स्थानीय लोग आंदोलन को और तेज करेंगे. प्रदर्शन के दौरान स्थानीय लोग मश्फिक आलम, मुरसलीन, अमीर, मोकरुल हक, अब्दुल बारीक, जाहिर हुसैन, तारिक आलम, फिरोज आलम और राजा सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद थे.


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