20 दिनों से रूखा-सूखा खाकर जी रहे बाढ़ पीड़ित, डर से काट रहे अंधेरी रात
Miserable Life of Flood Victims: प्रखंड के दुर्गापुर पंचायत के विभिन्न वार्डों में बाढ़ का पानी घुसने से लोगों की कई तरह की समस्या उत्पन्न हो गयी है. बाढ़ पीड़ित परिवारों का मचान व चौकी पर समय कट रहे है. रात भर बिच्छू, सांप आदि कीड़ों का सताता है डर.
Miserable Life of Flood Victims: प्रखंड के दुर्गापुर पंचायत के विभिन्न वार्डों में बाढ़ का पानी घुसने से लोगों की कई तरह की समस्या उत्पन हो गयी है. इसका सुधि लेने वाला कोई नहीं है. दुर्गापुर पंचायत के बाढ़ पीड़ित परिवार करीब 20 दिनों से बाढ़ का दंश झेल रहे हैं. बाढ़ पीड़ित परिवार सांप, बिच्छू के भय से रात भर नहीं सो पाते हैं. बाढ़ के कारण बाढ़ पीड़ित परिवारों का भोजन, पानी, शौच सहित कई तरह की समस्याएं हो रही है.
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दुर्गापुर पंचायत के बालमुकुंद टोला, लक्खी टोला, पंचायत भवन टोला, नारायणपुर, रामावतार कॉलोनी सहित विभिन्न गांव के लोग सूखे स्थलों एवं रिंग बांध पर माल मवेशी लेकर पलायन कर चुके हैं. एकाद व्यक्ति घर में रहकर सामान की रखवाली करने को विवश है. अधिक दिनों से बाढ़ का पानी जमे रहने के कारण दुर्गापुर पंचायत के बाढ़ पीड़ित परिवारों का माली हालात दयनीय हो गयी है.
Miserable Life of Flood Victims: घर में चूल्हा नहीं जल रहा, चूड़ा, मूढ़ी खाकर रह रहे लोग
बाढ़ पीड़ित खेलू मंडल, इंदू देवी, अंजली देवी, जयंती देवी, सोनाली देवी, बेली देवी, फूदो देवी, मामूनी देवी, जोशना देवी, कौशल्या देवी सहित दर्जनों बाढ़ पीड़ित परिवारों ने बताया कि पिछले 20 से 25 दिनों से घर आंगन में बाढ़ का पानी हो गया है. घर द्वार छोड़कर सड़क पर एवं रिंग बांध सहित अन्य सूखे स्थलों पर शरण लिए हुए हैं. इसका सुधि लेने वाला कोई नहीं है.
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यहां तक की स्थानीय प्रशासन भी जांच में नहीं पहुंचते हैं. हम लोग चूड़ा, मुढ़ी फांककर किसी तरह जीवन यापन कर रहे हैं. कई लोगों के घर में चूल्हा तक नहीं जल रहा है. लोगों का कहना है कि घर में बाढ़ का पानी रहने से मचान पर एवं चौकी पर किसी तरह समय काट रहे हैं. घर के भीतर सांप और बिच्छू घूमते रहता है. जिस वजह से रात भर नींद नहीं होती है.
पशुओं को चारा नहीं मिल रहा, चारा के लिए भटक रहे पशुपालक
उपरोक्त लोगों ने बताया कि माल मवेशी का चारा नहीं मिल रहा है. सरकार द्वारा किसी भी तरह की सहायता मुहैया नहीं कराई जा रही है. दुर्गापुर पंचायत के मुखिया गोपाल प्रसाद सिंह ने बताया कि पंचायत की विभिन्न वार्डों में बाढ़ का पानी घुसने के कुछ दिन बाद अंचलाधिकारी अमदाबाद एवं अनुमंडल पदाधिकारी मनिहारी तथा अपर समाहर्ता आपदा विभाग कटिहार को पत्र देकर जांच करने के लिए कहा गया है. साथ ही बाढ़ पीड़ित परिवारों के लिए सरकारी स्तर पर सहायता दिलाने की मांग की गई है.
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इसके बावजूद भी स्थानीय प्रशासन से लेकर अनुमंडल स्तरीय पदाधिकारी स्थल का जायजा लेने एवं बाढ़ पीड़ित परिवारों का जायजा लेने के लिए नहीं आते हैं. फोन पर संपर्क करने के बाद अधिकारी द्वारा केवल आश्वासन दिया जाता है. कुल मिलाकर दुर्गापुर पंचायत की स्थिति दयनीय है. दुर्गापुर पंचायत में बाढ़ के कारण बाढ़ पीड़ित परिवारों के बच्चे भूख से बिलबाला रहे हैं. सुखा मूढ़ी एवं चूड़ा खाकर पिछले कई दिनों से समय गुजारने को विवश हैं. उन्होंने शीघ्र ही बाढ़ पीड़ित परिवारों के बीच सुखा राशन एवं पॉलीथिन सहित जीआर राशि उपलब्ध कराने की मांग की है.
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