टेंडर के बाद भी नहीं शुरू हुआ अस्पताल का काम: 1.18 करोड़ की लागत से बनना है स्वास्थ्य केंद्र

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विरोध जताते ग्रामीण

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Health Centre Construction: कटिहार के बलिया बेलौन अंतर्गत भैलागंज में सरकारी उदासीनता का बड़ा मामला सामने आया है. टेंडर प्रक्रिया पूरी होने और एक करोड़ से अधिक की राशि स्वीकृत होने के बावजूद संवेदक ने काम शुरू नहीं किया, जिससे आक्रोशित ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी है.

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Health Centre Construction: कटिहार जिले के बलिया बेलौन अंतर्गत मधाइपुर पंचायत में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और प्रशासनिक सुस्ती को लेकर स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है. पंचायत स्थित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, भैलागंज के नए भवन निर्माण के लिए टेंडर की सारी प्रक्रियाएं पूरी होने और राशि आवंटित किए जाने के बावजूद संवेदक (ठेकेदार) द्वारा अब तक कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है. इस लापरवाही के खिलाफ मुखिया संघ के अध्यक्ष मेराज आलम और स्थानीय मुखिया असरार अहमद के संयुक्त नेतृत्व में दर्जनों ग्रामीणों ने निर्माण स्थल पर एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन किया और संवेदक व विभागीय अभियंताओं के खिलाफ जमकर आक्रोश व्यक्त किया.

1.18 करोड़ का बजट; कागजों पर सिमटी योजना

  • योजना की लागत: आधिकारिक तकनीकी स्वीकृति के अनुसार, इस नए अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के आधुनिक भवन निर्माण पर कुल 1 करोड़ 18 लाख 91 हजार 709 रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च की जानी है.
  • प्रशासनिक शिथिलता: भवन निर्माण विभाग द्वारा संवेदक के पक्ष में टेंडर फाइनल कर राशि भी जारी कर दी गई है. इसके बावजूद धरातल पर काम शुरू न होना विभाग के कनीय अभियंताओं और संवेदक की मिलीभगत व घोर लापरवाही को दर्शाता है. ग्रामीणों ने इस विषय में विभागीय वरीय पदाधिकारियों को एक लिखित शिकायत भेजने का निर्णय लिया है.

खंडहर में तब्दील हुआ तीन दशक पुराना भवन; 10 किमी दूर जाने की मजबूरी

स्थानीय मुखिया असरार अहमद ने बताया कि लगभग 30 वर्ष पहले बना यह अतिरिक्त उप स्वास्थ्य केंद्र आज पूरी तरह खंडहर और मलबे में तब्दील हो चुका है. पूरा परिसर जंगली घास-फूस और झाड़ियों से भरा पड़ा है. भवन की छतें और दीवारें टूटकर गिर चुकी हैं, जिससे यहां लंबे समय से कोई डॉक्टर या स्वास्थ्य कर्मी नहीं बैठता. अस्पताल चालू न होने के कारण स्थानीय ग्रामीणों को मामूली इलाज, सर्दी-खांसी या पट्टियां करवाने के लिए भी यहां से 10 किलोमीटर दूर बलिया बेलौन मुख्य अस्पताल जाना पड़ता है.

इस अव्यवस्था का सबसे बुरा असर क्षेत्र के बुजुर्गों, नवजात बच्चों और गर्भवती महिलाओं पर पड़ रहा है, जिन्हें आपातकालीन स्थिति में समय पर एम्बुलेंस या प्राथमिक उपचार नहीं मिल पाता है.

Health Centre Construction: जल्द काम शुरू न होने पर सड़कों पर उतरने की चेतावनी

  • आंदोलन का अल्टीमेटम: मुखिया संघ अध्यक्ष मेराज आलम ने कहा कि यदि संवेदक द्वारा एक सप्ताह के भीतर निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर शुरू नहीं कराया गया, तो मधाइपुर पंचायत के हजारों लोग मुख्य मार्ग को जाम कर सड़कों पर उग्र आंदोलन करने को विवश होंगे.
  • हजारों की आबादी को मिलेगा लाभ: प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि इस अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के सुचारू रूप से बन जाने से आस-पास के दर्जनों गांवों की एक बड़ी आबादी को सीधे तौर पर चौबीस घंटे बेहतर चिकित्सीय सुविधा का लाभ मिलने लगेगा और उन्हें जिला मुख्यालय की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी.

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