कैमूर में 30 साल से अधिक उम्र वालों की होगी विशेष स्क्रीनिंग, हाई BP-डायबिटीज से लेकर कैंसर और सिफलिस तक की जांच
AI से बनाई गई तस्वीर
बिहार के स्वास्थ्य संस्थानों में 30 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए विशेष स्क्रीनिंग अभियान शुरू, इन गंभीर बीमारियों की होगी मुफ्त जांच।
Kaimur News : गैर-संचारी रोगों की समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने 30 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के लोगों की विशेष स्क्रीनिंग कराने का निर्णय लिया है. इसके तहत राज्य के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में उच्च रक्तचाप, मधुमेह, सीओपीडी, विभिन्न प्रकार के कैंसर, एनीमिया और सिफलिस जैसी बीमारियों की जांच की जाएगी. इसको लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति ने सभी जिलों और स्वास्थ्य संस्थानों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं.
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आयुष्मान आरोग्य मंदिर से जिला अस्पताल तक होगी स्क्रीनिंग
अभियान के तहत आयुष्मान आरोग्य मंदिर (हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर), अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, शहरी स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्रखंड प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, अनुमंडल अस्पताल, रेफरल अस्पताल और जिला अस्पतालों में पात्र लोगों की स्क्रीनिंग की जाएगी. इसका उद्देश्य बीमारियों की शुरुआती अवस्था में पहचान कर समय पर उपचार शुरू करना है.
ओपीडी में आने वाले हर पात्र मरीज की जांच अनिवार्य
जिला अस्पताल, अनुमंडल अस्पताल, रेफरल अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की ओपीडी में उपचार के लिए आने वाले 30 वर्ष या उससे अधिक आयु के पात्र लोगों की भी अनिवार्य रूप से स्क्रीनिंग होगी. पोषक क्षेत्र से रेफर किए गए संभावित मरीजों की आवश्यक जांच एसेंशियल डायग्नोस्टिक लिस्ट के अनुसार कराई जाएगी. जांच के बाद समुचित उपचार और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी.
दवा और जांच सामग्री पहले से रखने का निर्देश
राज्य स्वास्थ्य समिति ने अभियान शुरू होने से पहले सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाएं, रैपिड डायग्नोस्टिक किट, रिएजेंट्स, कंज्यूमेबल्स और अन्य जरूरी उपकरण पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखने का निर्देश दिया है. आवश्यकता पड़ने पर बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड से सामग्री की मांग की जा सकेगी. प्रत्येक जिला अपनी विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर उसकी सॉफ्ट कॉपी और हस्ताक्षरित हार्ड कॉपी राज्य स्वास्थ्य समिति को भेजेगा.
आशा, एएनएम और सीएचओ संभालेंगे स्क्रीनिंग की कमान
अभियान में आशा कार्यकर्ता, एएनएम और सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी की अहम भूमिका होगी. आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर पात्र लोगों को स्क्रीनिंग के लिए प्रेरित करेंगी और एएनएम के साथ समन्वय कर अभियान को सफल बनाएंगी. वहीं, सीएचओ आयुष्मान आरोग्य मंदिर आने वाले सभी पात्र लोगों की स्क्रीनिंग करेंगे. उच्च रक्तचाप और मधुमेह से पीड़ित मरीजों का फॉलो-अप कर आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने के साथ एनपी-एनसीडी पोर्टल पर डेटा दर्ज किया जाएगा.
प्रखंड स्तर पर रोज होगी अभियान की निगरानी
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक और प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक को अभियान के लक्ष्य की शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है. ये अधिकारी प्रतिदिन अभियान की निगरानी करेंगे और स्वास्थ्य संस्थानों में दवा, जांच सामग्री तथा मानव संसाधन की उपलब्धता बनाए रखेंगे. जिला सामुदायिक उत्प्रेरक आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से लाभार्थियों को स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाने और अभियान की निगरानी करेंगे.
जिलास्तर पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय
जिला योजना समन्वयक सभी स्वास्थ्य संस्थानों से समन्वय स्थापित कर स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे. जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी प्रतिदिन सभी प्रखंडों से डेटा संकलित कर एनपी-एनसीडी पोर्टल पर प्रविष्टि और राज्य स्तर पर रिपोर्ट भेजेंगे. जिला गैर-संचारी रोग पदाधिकारी दवा, उपकरण और अन्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे. जिला कार्यक्रम प्रबंधक नोडल पदाधिकारी के रूप में माइक्रो प्लान, मानव संसाधन और आवश्यक सामग्री की व्यवस्था के साथ दैनिक रिपोर्ट राज्य को भेजेंगे.
शाम पांच बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगी समीक्षा
अभियान की प्रगति की राज्य स्तर पर प्रतिदिन शाम पांच बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की जाएगी. जिला स्तर पर समीक्षा की अध्यक्षता सिविल सर्जन करेंगे. इसके अलावा सभी स्वास्थ्य संस्थानों में अभियान के प्रचार-प्रसार और जनजागरूकता के लिए रंगीन फ्लेक्स अथवा बैनर लगाना अनिवार्य किया गया है.
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