कैमूर के विशेष सर्वेक्षण विभाग में हर महीने दो हजार रुपये वसूली का आरोप, शिविर प्रभारी से जवाब तलब
प्रखंड कार्यालय भभुआ | Prabhat Khabar Network
कैमूर सर्वे विभाग में हर महीने 2000 रुपये वसूली के आरोप. महिला शिविर प्रभारी से तीन दिन में मांगा जवाब, कार्रवाई की चेतावनी.
Kaimur survey department extortion allegations : बिहार सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का दावा करती है, लेकिन कैमूर जिले के विशेष सर्वेक्षण विभाग में कथित अवैध वसूली का मामला सामने आने से विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गये हैं. सोशल मीडिया पर वायरल एक ऑडियो में रुपये के लेन-देन, अधिकारियों तक पैसा पहुंचाने और छुट्टी मैनेज करने को लेकर कथित बातचीत होने का दावा किया जा रहा है. चर्चा है कि विशेष सर्वेक्षण अमीनों से हर महीने दो हजार रुपये की वसूली की जा रही है. मामला सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो गयी है. हालांकि, वायरल ऑडियो की प्रामाणिकता और उसमें सुनाई देने वाली आवाज की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
सूत्रों के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो को विशेष सर्वेक्षण विभाग की भभुआ शिविर प्रभारी वैजन्ती माला यादव का बताया जा रहा है. वह भभुआ और दुर्गावती प्रखंड की शिविर प्रभारी के पद पर तैनात हैं. ऑडियो में कथित तौर पर बंदोबस्त पदाधिकारी समेत उच्च अधिकारियों तक पैसा पहुंचाने की बात कही जा रही है. साथ ही, शिविर प्रभारी के हिस्से के रूप में दो हजार रुपये लेने का भी जिक्र होने का दावा किया जा रहा है. इसे लेकर विभागीय कर्मचारियों के बीच चर्चाएं तेज हैं.
हर महीने दो हजार रुपये वसूली का आरोप, छुट्टी मैनेज करने की भी चर्चा
विभागीय कर्मचारियों के बीच चर्चा है कि विशेष सर्वेक्षण अमीनों पर हर महीने दो हजार रुपये देने का दबाव बनाया जा रहा है. आरोपों में बंदोबस्त पदाधिकारी के संरक्षण और अधिकारियों तक रुपये पहुंचाने की बात भी शामिल है. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
वायरल ऑडियो को लेकर यह दावा भी किया जा रहा है कि इसमें छुट्टी के हिसाब-किताब और रुपये देकर मामले को मैनेज करने जैसी बातें कही गयी हैं. कथित बातचीत में पैसे देने पर छुट्टी को लेकर परेशानी नहीं होने की बात होने का दावा किया जा रहा है. यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह सरकारी विभाग की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर सकते हैं.
विशेष सर्वेक्षण का काम जमीन से जुड़े अभिलेख तैयार करने और भूमि सर्वेक्षण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने से संबंधित है. ऐसे में कर्मचारियों से कथित वसूली का मामला गंभीर माना जा रहा है.
शिविर प्रभारी से तीन दिनों में मांगा जवाब, कार्रवाई की चेतावनी
इस संबंध में पूछे जाने पर जिला बंदोबस्त पदाधिकारी नवीन कुमार ने बताया कि ऑडियो वायरल होने के मामले में संबंधित शिविर प्रभारी से जवाब तलब किया गया है. फिलहाल वह छुट्टी पर हैं. उन्हें जवाब देने के लिए तीन दिनों का समय दिया गया है. उनका जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर आगे की कार्रवाई की जायेगी.
जिला बंदोबस्त पदाधिकारी के इस बयान के बाद मामले में विभागीय कार्रवाई की संभावना बढ़ गयी है. अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित शिविर प्रभारी की ओर से क्या स्पष्टीकरण दिया जाता है और विभाग उस पर क्या निर्णय लेता है.
जांच के बाद ही स्पष्ट होगी ऑडियो की सच्चाई
फिलहाल वायरल ऑडियो में किये जा रहे दावों की सत्यता, कथित वसूली की वास्तविकता और अधिकारियों की भूमिका जांच का विषय है. ऑडियो की तकनीकी जांच और संबंधित पक्षों का जवाब सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी. आरोपों की पुष्टि होने पर नियमानुसार कार्रवाई जरूरी होगी.
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