कैमूर: रामगढ़ के ग्राम भारती कॉलेज में 12 हजार छात्रों की पढ़ाई संकट में, 7 विषयों में एक भी शिक्षक नहीं
सांसद सुधाकर सिंह से महाविद्यालय में शिक्षकों की कमी को बताता छात्र विशाल सिंह, | Prabhat Khabar Network
रामगढ़ के ग्राम भारती महाविद्यालय में शिक्षकों की भारी कमी से 12 हजार छात्रों का भविष्य अधर में है। सात विषयों में एक भी शिक्षक नहीं होने से पढ़ाई पूरी तरह ठप है।
Kaimur News : ग्राम भारती महाविद्यालय, रामगढ़ में करीब 12 हजार छात्र-छात्राओं के भविष्य पर शिक्षकों की कमी भारी पड़ रही है. कॉलेज में इतिहास, प्राचीन इतिहास, वाणिज्य, वनस्पतिशास्त्र, उर्दू, संस्कृत और अंग्रेजी जैसे सात महत्वपूर्ण विषयों में एक भी शिक्षक उपलब्ध नहीं है. शिक्षकों के अभाव में इन विषयों की नियमित पढ़ाई, पाठ्यक्रम पूरा करने और परीक्षा की तैयारी पर सीधा असर पड़ रहा है.
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मामला अब राज्यपाल सह कुलाधिपति तक पहुंच गया है. कॉलेज के छात्र विशाल सिंह ने शिक्षकों की कमी को लेकर राज्यपाल को ई-मेल के माध्यम से पत्र भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है. उन्होंने बक्सर सांसद सुधाकर सिंह से भी मुलाकात कर हजारों विद्यार्थियों की शैक्षणिक परेशानी से अवगत कराया. सांसद ने मामले को गंभीर बताते हुए विश्वविद्यालय के वरीय अधिकारियों से बातचीत कर जल्द समाधान का आश्वासन दिया है.
सात विषयों में शिक्षक नहीं, कैसे होगी पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी
वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा के अंतर्गत संचालित इस महाविद्यालय में बड़ी संख्या में विद्यार्थी उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं. लेकिन सात विषयों में शिक्षक उपलब्ध नहीं होने से नियमित कक्षाएं प्रभावित हैं. इससे पाठ्यक्रम पूरा करने, परीक्षा की तैयारी और विद्यार्थियों की शैक्षणिक समस्याओं के समाधान में परेशानी हो रही है.
छात्र विशाल सिंह ने कहा कि ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आने वाले विद्यार्थी निजी संस्थानों में महंगी शिक्षा लेने की स्थिति में नहीं हैं. ऐसे में कॉलेज में शिक्षकों की कमी का सीधा असर उनके भविष्य और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर पड़ सकता है.
स्थायी नियुक्ति तक अतिथि शिक्षकों की मांग
छात्र की ओर से संबंधित सातों विषयों में योग्य शिक्षकों की तत्काल नियुक्ति की मांग की गयी है. स्थायी नियुक्ति होने तक अतिथि या संविदा शिक्षकों की व्यवस्था करने, प्रभावित विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं चलाने और परीक्षा की तैयारी के लिए विशेष कक्षाएं व विषयवार मार्गदर्शन उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया है.
'शिक्षक नहीं तो बच्चों की पढ़ाई और परीक्षा कैसे होगी'
बक्सर सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है. महाविद्यालय में सात विषयों के शिक्षक नहीं हैं तो आखिर उन विषयों की पढ़ाई कैसे हो रही है. यदि पढ़ाई नहीं हो रही है तो विद्यार्थी परीक्षा में क्या लिखेंगे. उन्होंने कहा कि सोमवार को राज्यपाल सह कुलाधिपति से मिलकर महाविद्यालय की समस्या उनके समक्ष रखेंगे और संबंधित विषयों में जल्द शिक्षक उपलब्ध कराने का प्रयास करेंगे.
'शिक्षकों की नियुक्ति के लिए दो बार किया पत्राचार'
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. विनोद कुमार सिंह ने बताया कि कॉलेज में करीब 12 हजार छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं. सात विषयों में शिक्षक नहीं होने के कारण संबंधित विषयों की पढ़ाई प्रभावित है. शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर उनके स्तर से विश्वविद्यालय को दो बार पत्राचार किया जा चुका है, लेकिन अब तक संबंधित विषयों में शिक्षक उपलब्ध नहीं कराये गये हैं.
विद्यार्थियों के भविष्य पर बढ़ी चिंता
शिक्षकों की कमी को लेकर विद्यार्थियों में नाराजगी है. उनका कहना है कि समय रहते शिक्षकों की व्यवस्था नहीं की गयी तो इसका असर पाठ्यक्रम पूरा होने, परीक्षा परिणाम और आगे की उच्च शिक्षा की तैयारी पर पड़ सकता है. अब विद्यार्थियों की निगाहें विश्वविद्यालय और राजभवन पर टिकी हैं.
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