व्यवसायियों को स्वाइप मशीनें देने में बैंक हो रहे विफल

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विडंबना. ऑनलाइन ट्रांजेक्शन पर जोर तो है, पर सुविधाएं नहीं भभुआ नगर : देश में नोटबंदी के बाद सरकार का अगला प्रयास कैशलेस ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देना है. आमलोगों के साथ व्यवसायी भी ट्रांजेक्शन की इस नयी पद्धति को अपनाना चाहते हैं पर, बैंकों का उचित सहयोग नहीं मिलने से इसकी राह में अड़चनें आ […]

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विडंबना. ऑनलाइन ट्रांजेक्शन पर जोर तो है, पर सुविधाएं नहीं

भभुआ नगर : देश में नोटबंदी के बाद सरकार का अगला प्रयास कैशलेस ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देना है. आमलोगों के साथ व्यवसायी भी ट्रांजेक्शन की इस नयी पद्धति को अपनाना चाहते हैं पर, बैंकों का उचित सहयोग नहीं मिलने से इसकी राह में अड़चनें आ रही हैं. बीते साल आठ नवंबर को नोटबंदी की घोषणा की गयी थी़ उस समय ऐसा लगा था कि यह क्या हो गया और अब लोगों का काम कैसे चलेगा पर, 50 दिन समाप्त होने के बाद अब स्थिति सामान्य होने लगी है.
इसी बीच सरकार की नयी मंशा देश में कैशलेस ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देना भी सामने आयी़ इसे कई लोगों व व्यवसायियों ने भी बेहद पसंद किया है. बावजूद इसकी राह में अभी अड़चनें आ रही हैं. कई लोगों द्वारा बैंक में स्वाइप मशीन के लिए आवेदन दिये जाने के बावजूद इन्हें मशीन मिलने में काफी परेशानी हो रही है.
40 लोगों ने दिये आवेदन : कैशलेस ट्रांजेक्शन में महत्वपूर्ण भूमिका व्यवसायियों की है लेकिन, अभी शहर के गिनी-चुनी दुकानों में ही यह सुविधा देखने को मिल रही है़ इसके अलावा पेट्रोल पंपों व गैस एजेंसियों में कहीं-कहीं यह सुविधा शुरू हुई है़ स्वाइप मशीन के लिए आवेदन किये हुए लोगों को ससमय मशीन उपलब्ध कराने में बैंक के अधिकारियों की भूमिका सराहनीय नहीं है. अग्रणी बैंक प्रबंधक रत्नाकर झा ने बताया कि अब तक स्वाइप मशीन के लिए 40 आवेदन प्राप्त हुए हैं. जल्द मशीनें दी जायेंगी.
कुछ जगहों पर ही शुरू हो सकी है कैशलेस ट्रांजेक्शन की सुविधा
क्या कहते हैं लोग
नोटबंदी के बाद छोटे नोटों को लेकर समस्या बनी हुई है. एटीएम से सिर्फ दो हजार के नोट ही निकल रहे हैं. व्यवसायी और किसानों की परेशानियां कम होती नहीं दिख रही है.
रामप्रसाद सिंह, पूर्व सचिव जिला क्रीड़ा संघ कैमूर
स्वाइप मशीन के लिए बैंक में आवेदन देने के बावजूद मशीन नहीं मिली. बैंक जाने पर अधिकारी सिर्फ आश्वासन देते हैं.
पिंटू कुमार, किराना व्यवसायी
क्या बाेलते हैं अधिकारी
स्वाइप मशीन के प्रयोग के लिए कैंप लगा कर लोगों को जागरूक किया जा रहा है. बैंक में स्वाइप मशीन के लिए आवेदन देनेवाले लोगों को शीघ्र मशीनें उपलब्ध करा दी जायेंगी. रत्नाकर झा, एलडीएम
100 व 500 के नोटों की किल्लत बरकरार
नोटबंदी के बाद सबसे ज्यादा समस्या छोटे नोटों को लेकर बनी हुई है. छोटे दुकानदारों के व्यवसाय पर भी इसका असर देखने को मिल रहा है. बाजार में पांच सौ के नये नोट नहीं आने से परेशानी है. एटीएम भी सिर्फ दो हजार के नोट ही उगल रही है़ सरकार ने एटीएम से निकलनेवाली राशि की सीमा बढ़ा कर साढ़े चार हजार कर दी है, लेकिन, शहर के किसी भी एटीएम से पांच सौ के नये नोटों के दर्शन नहीं हुए हैं. सौ के नोट भी इक्का-दुक्का एटीएम से ही निकल रहे हैं.
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