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मजदूरों को हक और अधिकार दिलाने के लिए श्रम विभाग करे कार्य : डीएम

Updated at : 22 Aug 2024 9:35 PM (IST)
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मजदूरों को हक और अधिकार दिलाने के लिए श्रम विभाग करे कार्य : डीएम

श्रम संसाधन विभाग द्वारा नगर भवन में श्रम अधिकार दिवस के अवसर पर एक दिवसीय ग्रामीण प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया.

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जहानाबाद नगर.

श्रम संसाधन विभाग द्वारा नगर भवन में श्रम अधिकार दिवस के अवसर पर एक दिवसीय ग्रामीण प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन डीएम अलंकृता पांडेय ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य श्रम संसाधन विभाग से संबंधित श्रम कानूनों और योजनाओं की जानकारी से जिले के श्रमिकों को अवगत कराना था जिससे कि उनमें जागरूकता बढ़े और श्रम कानून के तहत उन्हें संरक्षण एवं अधिकार मिले हैं उसका लाभ उठा सकें. कार्यक्रम में श्रम अधीक्षक मृत्युंजय कुमार झा द्वारा विभाग के विभिन्न योजनाओं और श्रम कानूनों के बारे में जानकारी दिया गया. प्रत्येक सप्ताह विभाग द्वारा चयनित पंचायतों में जागरूकता अभियान चलाने की जानकारी दी गयी. कार्यक्रम के द्वारा श्रमिकों की समस्याओं को दूर कर उन्हें सहायता देने की बात भी कही गयी. कार्यक्रम में डीएम ने श्रम विभाग की योजनाओं को जिले के सभी गांवों एवं नगर क्षेत्र में पहुंचाने का आह्वान किया. जनजागरूकता अभियान के लिए अन्य विभागों से समन्वय स्थापित करने को कहा. मजदूरों को हक और अधिकार दिलाने के लिए श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी को प्रखंडस्तर पर कार्य करने का निर्देश दिया. डीएम ने बताया कि बिहार शताब्दी असंगठित कार्य क्षेत्र कामगार एवं शिल्पाकार सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत मृतक के आश्रितों को स्वाभाविक मृत्यु पर 50 हजार, दुर्घटना अनुदान दो लाख की राशि दी जाती है. श्रमिक इन योजनाओं का लाभ उठाये एवं श्रम विभाग के पदाधिकारी इसे सुनिश्चित करायें. डीएम द्वारा बाल श्रम उन्मूलन पर जोर देते हुए कहा गया कि बाल श्रम एवं गंभीर विषय है. श्रमिक बच्चों को विमुक्त कराने में तेजी लाएं. सरकार की प्राथमिकता है कि हर बच्चा स्कूल में पढ़ें और जो बच्चे ड्राॅप आउट होते हैं उनका फॉलोअप किया जाये. 14 वर्ष तक के बच्चे अनिवार्य शिक्षा के अधिकार के तहत आते हैं और यह अधिकार उन्हें मिलना ही चाहिए. इसके लिए सभी को सार्थक प्रयास करना होगा. बाल श्रम से विमुक्त बच्चों के पुनर्वास के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से 25 हजार रुपये की दर से सावधि जमा किया जाता है. विमुक्ति के बाद उन्हें तीन हजार रुपये तत्काल सहायता दी जाती है. डीएम ने श्रम अधीक्षक को निर्देश दिया कि जिले के श्रमिकों का निबंधन ई-श्रम पोर्टल पर शत प्रतिशत कराएं. जिले में अब तक 75 प्रतिशत निबंधन हुआ है जिसमें 2 लाख 81 हजार 916 श्रमिक हैं. श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी मोदनगंज रामबाबू कुमार द्वारा श्रमिकों के लिए सरकार द्वारा चलायी जा रही योजाओं की जानकारी दिया गया. बताया गया कि जिले में बिहार शताब्दी असंगठित कार्य क्षेत्र कामगार एवं शिल्पाकार सामाजिक सुरक्षा योजना के लिए 73 आवेदन प्राप्त हुए हैं जिसमें 53 आवेदनों की स्वीकृति देते हुए उन्हें लाभ का भुगतान किया गया है. बिहार भवन एवं अन्य सनिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के तहत साइकिल एवं मातृत्व का लाभ मजदूरों को दिया जाता है. बिहार प्रवासी मजदूर दुर्घटना अनुदान योजना के तहत दो लाख रुपये का अनुदान दिया जाता है. समझौता द्वारा भुगतान न्यूनतम मजदूरी अधिनियम भी लागू है जिसके तहत अब तक 39 शिकायत पत्र प्राप्त हुए हैं. 25 शिकायतों का निष्पादन हुआ है. इसके तहत 6 लाख 16 हजार 300 की राशि मजदूरों को श्रम विभाग के समझौता वार्ता के तहत नियोजकों से भुगतान कराया गया है. कार्यक्रम में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी हरहर सीरिन, पद्मजा, आकृति राज के अलावे श्रम संगठन के प्रतिनिधि शिवशंकर प्रसाद, अनिल कुमार आदि उपस्थित थे.

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