योजनाओं के क्रियान्वयन में गति लाने की जरूरत : योगेंद्र

By Prabhat Khabar Digital Desk
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समीक्षा . अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य ने की प्रेसवार्ता

अधिकारियों के साथ बैठक कर अनुसूचित जाति योजनाओं की समीक्षा की
जहानाबाद नगर : प्रदेश में अनुसूचित जाति के लोगों पर अत्याचार की घटनाओं में बेतहाशा वृद्धि हुई है. लेकिन सुशासन की सरकार जानमाल की रक्षा के लिए कोई कारगर कदम नहीं उठा रही है. नाथ नगर में अनुसूचित जाति के लोगों से घर खाली कराने ,रोहतास के कोचस में दो अनुसूचित जाति के भाइयों को चोरी का इल्जाम लगाकर पीट-पीट कर हत्या कर दिये जाने का मामला अभी सामने आया है लेकिन सरकारीतर पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है.
उक्त बातें राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य डाॅ योगेंद्र पासवान ने कहा. स्थानीय परिसदन में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि जिले के अधिकारियों के साथ बैठक कर छात्रवृति योजना ,अनुसूचित जाति से जुड़े लोक कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की है. समीक्षा में यह सामने आया है कि अनुसूचित जाति के लिए चलायी जा रही योजनाओं के क्रियान्वयन में गति प्रदान करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के सात निश्चय योजना अनुसूचित जाति के लोगों के साथ मजाक है. जिले के धरनई में सीएम जब आते हैं तो नल चालू रहती है और सीएम के जाते ही नल बंद हो जाता है.
जब तक यहां तीन फेज लाइन नहीं रहेगा. लोगों को पानी नहीं मिलेगा. उन्होंने कहा कि अमथुआ में पिछले दिनों दो भाईयों की सड़क दुर्घटना में मौत को लेकर उनके परिजन से मिला है. मृतक की दो बहनें नेहा और स्नेहा है जिनका नामांकन आवासीय विद्यालय दक्षिणी में कराने का निर्देश दिया है. उन्हें नि:शुल्क शिक्षा दी जायेगी. साथ ही पुलिस अधीक्षक से इस घटना की सूक्ष्मता से जांच कराने को कहा. प्रदेश में छात्रवृति की समस्या सबसे बड़ी समस्या है. अनुसूचित जाति के छात्रों को पहले छात्रवृति मिलती थी लेकिन अब सरकार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड देने की बात कर रही है. अनुसूचित जाति के छात्रों को ऋण नहीं छात्रवृति चाहिए.
पूर्व से विभिन्न तकनीकी शिक्षण संस्थानों में नामांकित बच्चों को पूर्व की भांति ही छात्रवृति दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति के लोगों के स्वास्थ्य जांच के लिए शिविर लगाकर जांच का प्रावधान है. लेकिन स्वास्थ्य विभाग द्वारा उस स्तर पर स्वास्थ्य जांच नहीं की गयी जितना होनी चाहिए. अनुसूचित जाति अत्याचार और निर्वारण अधिनियम के तहत जिले में कई मामले आये हैं. जिसमें 12 मामलों में सजा होने की स्थिति है.
अनुसूचित जाति टोलों में पर्याप्त संख्या में इंदिरा आवास का निर्माण नहीं हुआ है. जिला पदाधिकारी ने ऐसे मामलों को शीघ्र निष्पादित करने की बात कहीं है. प्रशासन अभियान चलाकर अनुसूचित जाति के सभी वृद्धों को पेंशन देने की व्यवस्था करें.
प्रेस वार्ता में आयोग के बिहार प्रदेश के डायरेक्टर संजय कुमार सिंह ,अनुसंधान अधिकारी सुनील कुमार सिंह आदि उपस्थित थे.
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