जमुई: बालू खनन के 30 फीट गहरे गड्ढों ने ली 13 वर्षीय बच्ची की जान; किऊल नदी में पूजा से पहले डूबी रिया, गोताखोरों ने निकाला शव
परिजन से घटना की जानकारी लेते सीओ और थानाध्यक्ष
जमुई में किऊल नदी में बालू खनन के कारण बने 30 फीट गहरे गड्ढों में डूबने से 13 वर्षीय बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई. यह घटना बालू खनन के नियमों की अनदेखी और प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है.
जमुई नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत किऊल नदी स्थित त्रिपुरारी सिंह स्मारक घाट पर सावन की अंतिम सोमवारी के दिन हुआ दर्दनाक हादसा अब बालू खनन और प्रशासनिक लापरवाही की खुली पोल खोल रहा है. सोमवारी व्रत के पावन मौके पर भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना से पूर्व नदी में स्नान करने गई 13 वर्षीय रिया कुमारी की मौत नदी में खनन के बाद छोड़े गए 20 से 30 फीट गहरे गड्ढे में डूबने से हो गई. करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद स्थानीय गोताखोरों ने बच्ची का शव बरामद किया. इस हृदयविदारक घटना के बाद नदी में बालू खनन के मानकों की अनदेखी और सुरक्षा इंतजामों को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है.
आपके शहर में
नदी में 20 से 30 फीट के जानलेवा गड्ढे, मानकों की उड़ीं धज्जियां
स्थानीय ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि किऊल नदी में बालू माफिया और संवेदकों द्वारा निर्धारित नियमों को ताक पर रखकर भारी पोकलेन मशीनों से बेतहाशा खुदाई की गई है:
- खतरनाक गहराई: नदी के तल में कई स्थानों पर 15 से 20 फीट और कुछ जगहों पर लगभग 30 फीट तक गहरे जानलेवा गड्ढे छोड़ दिए गए हैं.
- सुरक्षा उपाय शून्य: बरसात के दिनों में पानी भर जाने से ये गड्ढे अदृश्य मौत के कुएं बन चुके हैं. खनन के बाद न तो नदी तल का समतलीकरण किया गया और न ही गहरे स्थानों पर कोई लाल झंडी या चेतावनी बोर्ड लगाया गया.

बेटी को बचाने में मां और भाई भी डूबे, ग्रामीणों ने बचाई जान
टाउन थाना क्षेत्र के सोनपे गांव निवासी सुधीर सिंह की पत्नी गीता देवी अपनी 13 वर्षीय पुत्री रिया और 10 वर्षीय बेटे सिद्धार्थ के साथ सोमवारी व्रत को लेकर किऊल नदी में स्नान करने पहुंची थीं:
- गहरे पानी में समाई रिया: स्नान के दौरान रिया अचानक खनन से बने गहरे गड्ढे में चली गई और डूबने लगी.
- बचाने में फंसा परिवार: बेटी को छटपटाते देख मां गीता देवी और छोटा भाई सिद्धार्थ भी उसे बचाने के लिए पानी में उतरे, लेकिन वे दोनों भी गहरे दलदल और पानी में डूबने लगे.
- ग्रामीणों का साहस: घाट पर मौजूद ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए नदी में छलांग लगाई और मां-बेटे को सुरक्षित खींच लिया, लेकिन रिया गहरे पानी में ओझल हो गई.
- 3 घंटे बाद मिला शव: स्थानीय गोताखोरों ने ढाई से तीन घंटे की खोजबीन के बाद रिया का निष्प्राण शरीर बाहर निकाला, जिसके बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गई.

पिता और मां का छलका दर्द: 'जिम्मेदारों पर हो सख्त कार्रवाई'
- पिता सुधीर सिंह का बयान: "आज मेरे परिवार ने अपनी लाडली खो दी. अगर नदी में खनन के बाद बने ये जानलेवा गड्ढे तुरंत नहीं भरवाए गए, तो कल किसी और का घर उजड़ जाएगा. दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए."
- मां गीता देवी का विलाप: "रिया ने सोमवारी का व्रत रखा था. मैं उसे बचाने के लिए पानी में उतरी, लेकिन अपनी आंखों के सामने उसे नहीं बचा सकी."

प्रशासनिक अमला पहुंचा, स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था पर भी उठे सवाल
हादसे की सूचना मिलते ही टाउन थानाध्यक्ष अमरेंद्र कुमार और सदर अंचलाधिकारी (CO) सौरभ कुमार घटनास्थल पर पहुंचे:
- मुआवजे का आश्वासन: अधिकारियों ने शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाया और खनन से बने गड्ढों की जांच व सरकारी प्रावधान के तहत आपदा मुआवजा दिलाने का भरोसा दिया.
- मेडिकल टीम पर सवाल: स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य महकमे पर भी नाराजगी जताई. आरोप है कि आपात स्थिति में घटनास्थल पर डॉक्टर की जगह मेडिकल तकनीशियन को भेजा गया, जिससे प्राथमिक जांच तक में भारी अव्यवस्था देखने को मिली.
यह दर्दनाक हादसा सीधे तौर पर खनन विभाग और स्थानीय प्रशासन की मॉनिटरिंग पर सवाल खड़े करता है कि राजस्व कमाने की होड़ में आम जनता की सुरक्षा को पूरी तरह से क्यों भुला दिया गया.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए