गिद्धौर में शिक्षा विभाग में बदलाव, BDO को मिला प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी का अतिरिक्त प्रभार वित्तीय अधिकार भी सौंपे
विभागीय पत्र | Prabhat Khabar Network
गिद्धौर में शिक्षा विभाग में रिक्त प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) के पद को भरने के लिए जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव किया है. अब प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) को BEO का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है, जिसमें वित्तीय अधिकार भी शामिल हैं.
गिद्धौर. प्रखंड में शिक्षा विभाग के कामकाज को गति देने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है. गिद्धौर के प्रखंड विकास पदाधिकारी यानी BDO को अब प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी यानी BEO का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है.
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जिला पदाधिकारी, जमुई की ओर से जारी कार्यालय आदेश के बाद यह जिम्मेदारी BDO को दी गई है. खास बात यह है कि उन्हें केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी ही नहीं, बल्कि प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के वित्तीय अधिकार भी सौंपे गए हैं.
BDO को क्यों दिया गया BEO का अतिरिक्त प्रभार?
गिद्धौर में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी का पद रिक्त पड़ा था. रिक्त पद के कारण शिक्षा विभाग से जुड़े प्रशासनिक और वित्तीय कार्यों के संचालन में परेशानी की स्थिति बन सकती थी.
इसी को देखते हुए बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने रिक्त प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के पदों पर पर्यवेक्षकीय स्तर के पदाधिकारियों को उनके मूल कार्य के साथ अतिरिक्त प्रभार देने का निर्देश दिया था.
शिक्षा विभाग के सचिव के पत्रांक 971 दिनांक 21 अगस्त 2026 के निर्देश के आधार पर यह व्यवस्था की गई है.
जिला प्रशासन ने जारी किया आदेश
जिला पदाधिकारी, जमुई की ओर से जारी आदेश ज्ञापांक 602 दिनांक 28 अगस्त 2026 के तहत गिद्धौर BDO को प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है.
आदेश के अनुसार यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू होगी. संबंधित पदाधिकारी को अविलंब प्रभार ग्रहण कर इसकी सूचना अधोहस्ताक्षरी को देने का निर्देश दिया गया है.
इस व्यवस्था के लागू होने के बाद शिक्षा विभाग से जुड़े जरूरी प्रशासनिक और वित्तीय कामों को आगे बढ़ाने में सुविधा होने की उम्मीद है.
वित्तीय अधिकार भी BDO के पास रहेंगे
गिद्धौर BDO को BEO का अतिरिक्त प्रभार वित्तीय अधिकार के साथ दिया गया है. इसका मतलब है कि अतिरिक्त प्रभार के दौरान वे प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी से जुड़े निर्धारित वित्तीय कार्यों का भी संचालन कर सकेंगे.
प्रखंड शिक्षा व्यवस्था में कई ऐसे कार्य होते हैं, जिनके लिए प्रशासनिक निर्णय के साथ वित्तीय प्रक्रिया भी जरूरी होती है. ऐसे में वित्तीय अधिकार मिलने से लंबित या नियमित कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की संभावना है.
शिक्षा मंत्री के निर्देश का भी रहा संदर्भ
गिद्धौर में यह व्यवस्था केवल जिला स्तर के आदेश पर ही आधारित नहीं है. जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग के मंत्री के सिमुलतला आवासीय विद्यालय के भ्रमण के दौरान हुई समीक्षा बैठक में भी रिक्त BEO पद का प्रभार BDO को देने का निर्देश दिया गया था.
इसके बाद विभागीय निर्देशों के अनुरूप गिद्धौर में रिक्त पद की जिम्मेदारी BDO को सौंपी गई.
नियमित पदस्थापन होते ही खत्म हो जाएगी व्यवस्था
जिला प्रशासन के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह व्यवस्था स्थायी नियुक्ति नहीं है. प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के पद पर विभाग की ओर से नियमित पदस्थापन होते ही BDO को दिया गया अतिरिक्त प्रभार स्वतः समाप्त हो जाएगा.
यानी फिलहाल BDO शिक्षा विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी संभालेंगे, जबकि नियमित BEO की नियुक्ति होने तक यह व्यवस्था जारी रहेगी.
शिक्षा व्यवस्था पर क्या होगा असर?
BEO का पद शिक्षा विभाग के प्रखंड स्तर पर महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारी वाला पद है. ऐसे में पद रिक्त रहने की स्थिति में विभागीय कामकाज प्रभावित होने की आशंका रहती है.
अब BDO को अतिरिक्त प्रभार मिलने से प्रखंड में शिक्षा विभाग से जुड़े प्रशासनिक निर्णय, निगरानी और वित्तीय कार्यों को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है.
हालांकि अतिरिक्त जिम्मेदारी के साथ BDO के सामने अपने मूल प्रखंड विकास कार्यों के साथ शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी संभालने की चुनौती भी रहेगी.
फिलहाल जिला प्रशासन ने रिक्त पद की व्यवस्था को देखते हुए तत्काल समाधान के तौर पर BDO को BEO का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है. अब नियमित BEO की पदस्थापना तक गिद्धौर की शिक्षा व्यवस्था इसी अंतरिम व्यवस्था के तहत चलेगी.
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