साइबर कैफे में जन्म प्रमाण पत्रों से छेड़छाड़ का आरोप, डाककर्मी समेत तीन पर प्राथमिकी
साइबर कैफे में छापेमारी करते हुए पुलिस | Prabhat Khabar Network
बरहट पुलिस ने पाड़ों बाजार स्थित आयुष साइबर कैफे में छापेमारी कर जन्म प्रमाण पत्रों से छेड़छाड़ कर फर्जी दस्तावेज बनाने के मामले का खुलासा किया है. डाक विभाग के एक कर्मी सहित कैफे संचालक व कर्मी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है.
बरहट : मूल दस्तावेजों में कथित छेड़छाड़ कर फर्जी प्रमाण पत्र तैयार किये जाने की सूचना पर बरहट पुलिस ने मंगलवार को पाड़ों बाजार स्थित आयुष साइबर कैफे में छापेमारी की. पुलिस के अनुसार मौके से कई ऐसे दस्तावेज और साक्ष्य मिले हैं, जिनसे मूल जन्म प्रमाण पत्रों में हेरफेर कर फर्जी प्रमाण पत्र तैयार किये जाने का संदेह है.
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पुलिस सूत्रों के अनुसार, खैरा प्रखंड के एक कार्यालय में पदस्थापित डाक विभाग के कर्मी संजय कुमार यादव मंगलवार और गुरुवार को साइबर कैफे आया करते थे. आरोप है कि इसी दौरान मूल जन्म प्रमाण पत्रों में कथित तौर पर छेड़छाड़ कर फर्जी प्रमाण पत्र तैयार किये जाते थे. बाद में इन प्रमाण पत्रों का इस्तेमाल आधार कार्ड समेत अन्य जरूरी दस्तावेज तैयार कराने में किये जाने की बात सामने आयी है.
500 से 1500 रुपये तक लेने का आरोप
पुलिस के अनुसार इस काम के बदले कथित तौर पर 500 से 1500 रुपये तक लिये जाते थे. छापेमारी के दौरान साइबर कैफे से बरामद लैपटॉप की जांच में ऐसी कई वेबसाइटों के इस्तेमाल के साक्ष्य मिलने की बात कही गयी है, जहां दस्तावेजों में कथित छेड़छाड़ कर उन्हें सुरक्षित रखा जाता था.
जांच के बाद पुलिस ने साइबर कैफे संचालक एवं पूर्व पैक्स अध्यक्ष अरुण कुमार यादव, कैफे कर्मी पीतांबर कुमार और डाक विभाग कर्मी संजय कुमार यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है.
कितने फर्जी प्रमाण पत्र बने, जांच में जुटी पुलिस
छापेमारी के दौरान बरामद दस्तावेजों को पुलिस ने जब्त कर लिया है. अब जांच की जा रही है कि कथित तौर पर मूल दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर अब तक कितने लोगों के फर्जी प्रमाण पत्र तैयार किये गये. साथ ही इन प्रमाण पत्रों का इस्तेमाल किन दस्तावेजों को बनवाने में और कहां-कहां किया गया, इसकी भी पड़ताल की जा रही है.
मामले की जानकारी डाक विभाग को भी दे दी गयी है. पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
दो आरोपियों को नोटिस के बाद छोड़ा
पुलिस के अनुसार पीतांबर कुमार और संजय कुमार यादव को BNSS की धारा 35(3) के तहत नोटिस/बॉन्ड की प्रक्रिया पूरी करने के बाद मुक्त किया गया है. मामले में आगे की जांच जारी है.
थानाध्यक्ष ने क्या कहा?
बरहट थानाध्यक्ष कुमार संजीव ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है. छापेमारी के दौरान बरामद दस्तावेजों को जब्त कर पूरे मामले की जांच की जा रही है. તપાસ के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी.
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