जमुई: राशन के बदले रुपये बांटते डीलर का वीडियो वायरल, कम अनाज देने का भी आरोप; SDO बोले- जांच कर होगी सख्त कार्रवाई
पीओएस मशीन पर अंगुठा लगाते लाभूक | Prabhat Khabar Network
जमुई सदर प्रखंड की ग्राम पंचायत गरसंडा में सरकारी राशन वितरण में भारी अनियमितता का मामला सामने आया है. ग्रामीणों का आरोप है कि डीलर देवेंद्र पासवान लाभुकों को अनाज के बजाय नकद पैसे बांट रहा है और विरोध करने पर धमकी देता है. इस मामले की जांच अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) द्वारा की जा रही है.
जमुई सदर प्रखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत गरसंडा अंतर्गत वार्ड संख्या-9 में जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) की दुकान से सरकारी राशन वितरण में भारी अनियमितता का मामला सामने आया है. स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि डीलर देवेंद्र पासवान लाभुकों को निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न देने के बजाय उसके बदले नकद रुपये बांट रहा है. इस मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है. ग्रामीणों की शिकायत पर अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) ने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई का भरोसा दिया है.
आपके शहर में
राशन के बदले नकद रुपये और धमकी देने का आरोप
ग्रामीणों के अनुसार, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत गरीबों के लिए आने वाले अनाज का सही तरीके से वितरण नहीं किया जा रहा है:
- कालाबाजारी का आरोप: ग्रामीणों का आरोप है कि डीलर सरकारी अनाज को खुले बाजार में बेच देता है और लाभुकों को राशन के बदले पैसे देकर खानापूर्ति करने की कोशिश करता है.
- विरोध पर धमकी: स्थानीय लोगों का कहना है कि जब कोई लाभुक राशन के बदले पैसे लेने से इनकार करता है, तो उसे राशन कार्ड से नाम कटवाने या भविष्य में राशन न देने की धमकी दी जाती है.
- कम अनाज का वितरण: कई लाभुकों ने आरोप लगाया है कि उन्हें प्रति यूनिट तय मात्रा से एक से दो यूनिट कम अनाज जबरन दिया जाता है.

वीडियो वायरल होने के बाद गरमाया मामला
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में लोगों की मौजूदगी के बीच कथित तौर पर डीलर द्वारा रुपये बांटे जाने का दृश्य देखा जा सकता है. हालांकि, वायरल वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन वीडियो सामने आने के बाद गांव में आक्रोश का माहौल है और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.
भौतिक सत्यापन और निष्पक्ष जांच की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और आपूर्ति विभाग के वरीय अधिकारियों से पूरे मामले की पारदर्शी जांच की मांग की है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन डीलर के स्टॉक रजिस्टर, वितरण पंजी, ई-पॉस (e-PoS) मशीन के रिकॉर्ड और गोदाम में मौजूद खाद्यान्न का भौतिक सत्यापन कराए, तो बड़े पैमाने पर चल रही अनियमितता की सच्चाई सामने आ जाएगी. इसके साथ ही लाभुकों से अलग-अलग बयान दर्ज करने की भी मांग की गई है.
प्रशासन का बयान
"मामला हमारे संज्ञान में आया है. पूरे प्रकरण की विधिवत जांच कराई जाएगी. जांचोपरांत यदि डीलर दोषी पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार सख्त विभागीय व कानूनी कार्रवाई की जाएगी." — सौरव कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी (SDO), जमुई
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए