जमुई में रविदास समाज का बड़ा फैसला, अब नहीं होगा मृत्यु भोज, सामाजिक सुधार की मिसाल बना भरतपुर गांव

Updated:
विज्ञापन

बैठक में शामिल रविदास समाज के लोग. | Prabhat Khabar Network

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

Jamui News : जमुई के रविदास समाज ने एक ऐतिहासिक बैठक में मृत्यु भोज की परंपरा को समाप्त करने का निर्णय लिया है. समाज सुधार की दिशा में उठाए गए इस कदम से गरीब परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करने में मदद मिलेगी.

विज्ञापन

Jamui News : सोनो प्रखंड की पैरा मटिहाना पंचायत के भरतपुर गांव में गुरुवार को रविदास समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता शंभू दास और असर्फी दास ने की. बैठक में समाज के सभी लोगों ने एकमत होकर निर्णय लिया कि अब से किसी भी परिवार में मृत्यु भोज का आयोजन नहीं किया जाएगा. इस फैसले को समाज सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है.

विज्ञापन

'मृत्यु भोज से गरीब परिवारों पर बढ़ता है आर्थिक बोझ'

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि किसी प्रियजन की मृत्यु के बाद परिवार पहले से ही मानसिक और भावनात्मक पीड़ा से गुजरता है. ऐसे समय में सामाजिक परंपरा के नाम पर मृत्यु भोज का आयोजन करना कई परिवारों के लिए आर्थिक संकट खड़ा कर देता है. कई बार लोगों को जमीन बेचनी पड़ती है या कर्ज लेना पड़ता है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और कमजोर हो जाती है. इसलिए इस परंपरा को समाप्त करना समय की जरूरत है.

समाज सुधार की दिशा में नई सोच

रविदास समाज के लोगों ने कहा कि मृत्यु भोज की बजाय परिवार को मानसिक संबल और सामाजिक सहयोग मिलना चाहिए. उनका मानना है कि इस निर्णय से समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा और गरीब परिवार अनावश्यक खर्च से बच सकेंगे. बैठक में यह भी कहा गया कि सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं और हर समाज को इस दिशा में आगे आना चाहिए.

दूसरे समाजों से भी की गई पहल करने की अपील

बैठक में मौजूद लोगों ने अन्य समाजों से भी मृत्यु भोज जैसी परंपराओं पर पुनर्विचार करने और सामाजिक सुधार की दिशा में कदम बढ़ाने की अपील की. इस अवसर पर अशोक दास, नंदू दास, मनोज दास, रामबालक दास, कैलाश दास सहित रविदास समाज के दर्जनों लोग उपस्थित रहे. ग्रामीणों का मानना है कि यह निर्णय आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सकारात्मक सामाजिक संदेश साबित होगा


आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन